खाना बदोश महिला को वृद्धा आश्रम में मिली शरण -महिला दरोगा की मदद से प्रबंधक ने आश्रम में कराया शिफ्ट

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खाना बदोश महिला को वृद्धा आश्रम में मिली शरण
-महिला दरोगा की मदद से प्रबंधक ने आश्रम में कराया शिफ्ट
-मानसिक हालत ठीक न होने के कारण नहीं बता पा रही सटीक नाम-पता

हिमांशु भट्ट/मो. यासीन

कौशांबी। लड़खड़ाते कदम… शून्य पर निहारती आंखें… खाना बदोश जिंदगी…। बस यही हकीकत थी उस बुजुर्ग महिला की। फुटपाथ ही आशियाना था। पेट में पर्याप्त निवाला कब से नहीं गया? इसकी फिक्र किसी को नहीं थी। शुक्र है शनिवार को इस बेबश पर वृद्धा आश्रम संचालक की नजरें इनायत हो गईं। महिला को आश्रम में शिफ्ट कर दिया गया है। वहां उसकी सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
मंझनपुर में पिछले कई दिनों से एक लगभग 65 वर्ष की वृद्ध महिला इधर-उधर घूम रही थी। कोई भी उसकी सुधि लेने वाला नहीं था। महिला फुटपाथ पर कहीं भी रात गुजारती थी। किसी ने खाने को कुछ दे दिया तो उसी से पेट की आग बुझती थी। स्वास्थ्य ठीक नहीं था। शनिवार की सुबह वह मंझनपुर चौराहे पर एक मिष्ठान भंडार के सामने सड़क किनारे लेटी कराह रही थी। तभी ओसा स्थित वृद्धा आश्रम के प्रबंधक आलोक राय की नजर पड़ गई। उन्होंने महिला दरोगा की मदद से पाीड़िता को आश्रम पहुंचाया। वहां उसे नहलाया गया। डाक्टरों को बुलाकर इलाज कराया गया। पेट भर भोजन कराया गया। इसके बाद पूछताछ में पीड़िता अपना पता बिहार भर बता सकी। आश्रम प्रबंधक ने बताया कि मनोदशा ठीक नहीं होने की वजह से पीड़िता सटीक-नाम पता अभी नहीं बता पा रही है। उसका इलाज कराया जाएगा। परिजनों की तलाश का प्रयास जारी है। पहचान के बाद परिजन चाहेंगे तो पीड़ित महिला को उनके हवाले कर दिया जाएगा।

 

Up Head Line
Author: Up Head Line

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