मानवता के सच्चे उपासक थे डॉ. मुखर्जी: कल्पना
-रामपुर धमावां प्राइमरी स्कूल में मनाया गया बलिदान दिवस
-डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर अर्पित की गई पुष्पांजलि
हिमांशु भट्ट/ मो. यासीन
कौशाम्बी: राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय और महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का रविवार को बलिदान दिवस मनाया गया। इस मौके पर सिराथू के रामपुर धमावां प्राथमिक विद्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शिक्षाविद और महान विचारक थे। राष्ट्र की एकता व विकास में योगदान के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने उनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह मानवता के सच्चे उपासक थे। प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के भी नायक थे। उनका जीवन दर्शन आज भी अनुकरणीय है। सभी को उनके सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहिए। इस मौके पर अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र सोनकर, शिव बाबू मौर्य, श्याम लाल पाल, देवेश भट्ट आदि मौजूद रहे।







