जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी की विधिक सहायता से छह अभियुक्त दोषमुक्त

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चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा एडवोकेट ने की प्रभावी पैरवी, मुकदमा दर्ज होने के बाद से जेल में निरुद्ध थे अभियुक्त

कौशाम्बी। ओडिशा के बंजारों को झूठे मामले में जेल भेजने वाले दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। आरोप साबित न होने पर 6 आरोपियों को सीजेएम कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही विवेचना में लापरवाही व मनगढ़ंत कहानी लिखने वाले दरोगा के खिलाफ सीजेएम ने पुलिस महानिदेशक और एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।

मंझनपुर कोतवाली के मलकिया निवासी श्रीनाथ मौर्य ने कोखराज थाना पुलिस को 24 मई वर्ष 2025 को कोखराज थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि उसके साथ अलीपुर तिराहा के समीप ठगी हुई है। बताया कि ओडिशा के बंजारों ने नकली सोना देकर उससे 15 लाख रुपये ठग लिए। जब तक वह जान पाता सोना नकली है, तब तक आरोपी भाग निकले थे। ठगों में तीन महिला व तीन पुरुष शामिल हैं। सभी आरोपी उसके गांव के समीप डेरा डालकर रह रहे हैं। इसके पहले वह उसको असली सोना देकर रुपये ले चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में ओडिशा के रहने वाले बंजारे हरिदास, अंबिकादास, बाला प्रधान, ममुनीदास, रीनादास और राधादास के खिलाफ केस दर्ज किया और छापा मारकर सभी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 लाख रुपये बरामद होने का दावा किया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

तत्कालीन एसआई आलोक रंजन तिवारी ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। आरोपी राधादास की जमानत पर बाहर थी, जबकि अन्य आरोपी जेल में बंद थे। प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मंजू कुमारी ने सोमवार को फैसला सुनाया। इसके पहले उभय पक्षों को सुना गया। आरोपियों के अधिवक्ता ने कहा कि 15 लाख रुपये देकर आरोपी सोना खरीदने श्रीनाथ मौर्य के पास जा रहे थे। वहीं वादी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पहले असली सोना देकर वादी को प्रभावित किया गया। दोबारा फोन करके सोना खरीदने के लिए बुलाया गया। नकली सोना देकर 15 लाख रुपये ठग कर आरोपी भाग निकले थे। गवाह परीक्षित कराए गए, लेकिन वह आरोपों को साबित नहीं कर सके। अपने ही बयान पर वह खरे नहीं उतर सके। आरोप साबित न होने पर न्यायालय ने आरोपी हरिदास,अंबिकादास, बाला प्रधान, ममुनीदास और रीनादास को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया। इससे आरोपियों ने राहत की सांस ली है। प्रकरण में विवेचक आलोक रंजन तिवारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीजेएम ने पुलिस महानिदेशक व एसपी को पत्र भेजा है।

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Author: Up Head Line

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