वरिष्ठ पत्रकार चंद्र किशोर मिश्रा के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, रायबरेली ने खोया अनुभवी कलमकार

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रायबरेली। जिले के वरिष्ठ पत्रकार चंद्र किशोर मिश्रा के निधन की दुखद खबर से पत्रकारिता जगत और रायबरेली जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय तक अस्वस्थ रहने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। पैरालिसिस अटैक के बाद से वह बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से पत्रकारिता के एक अनुभवी, मिलनसार और जनसरोकारों के प्रति समर्पित कलमकार का साथ छूट गया। उनके जाने से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

चंद्र किशोर मिश्रा ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान और पायनियर सहित कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में सेवाएं दीं। अपनी लेखनी, अनुभव और समाचारों के प्रति गंभीर दृष्टिकोण के चलते उन्होंने पत्रकारिता जगत में विशिष्ट पहचान बनाई। वह केवल समाचार संकलन और लेखन तक सीमित नहीं थे, बल्कि सामाजिक सरोकारों और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए भी जाने जाते थे।

सहज, सरल व्यक्तित्व और चेहरे पर हमेशा रहती थी मुस्कान

रायबरेली जिले के सुल्तानपुर खेड़ा गांव के निवासी चंद्र किशोर मिश्रा सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उनसे मिलने वाला व्यक्ति उनके व्यवहार और आत्मीयता से प्रभावित हुए बिना नहीं रहता था। उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी और वह अपने परिचितों तथा साथियों से बड़े अपनत्व के साथ मिलते थे। उनके निधन की खबर ने उन सभी लोगों को भावुक कर दिया, जिन्होंने उनके साथ काम किया और उनके स्नेह एवं सहयोग को करीब से महसूस किया।

पत्रकारिता के साथ कर्मचारी हितों की आवाज भी बने

चंद्र किशोर मिश्रा से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए एक साथी ने बताया कि कर्मचारी राजनीति के दौर में, जब वह सिंचाई संघ के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे, तब चंद्र किशोर मिश्रा ने उनका भरपूर सहयोग किया। वह अक्सर उनसे मिलने आते थे और कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाकी से उठाते थे। उनकी लेखनी ने कर्मचारियों की समस्याओं को समाज और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनका सहयोग केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह अपने पत्रकारिता धर्म के माध्यम से जनहित और कर्मचारी हितों के मुद्दों को भी मजबूती से सामने रखते थे। यही वजह थी कि पत्रकारिता जगत के साथ-साथ सामाजिक और कर्मचारी संगठनों से जुड़े लोगों के बीच भी उनका विशेष सम्मान था।

वरिष्ठ पत्रकारों की पीढ़ी के साथ जुड़ी थीं उनकी यादें

चंद्र किशोर मिश्रा का पत्रकारिता जीवन उस दौर से जुड़ा रहा, जब रायबरेली में वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय भालेंद्र मिश्रा और वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम ओझा जैसे अनुभवी पत्रकार अपनी लेखनी, मार्गदर्शन और पत्रकारिता के अनुभवों से नई पीढ़ी को दिशा देते थे। उस समय पत्रकारों के बीच आपसी सहयोग, आत्मीयता और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने की परंपरा मजबूत थी। चंद्र किशोर मिश्रा भी इसी पत्रकारिता परंपरा के महत्वपूर्ण हिस्से रहे।

उनका अनुभव, सहज व्यवहार और पत्रकारिता के प्रति समर्पण लंबे समय तक सहकर्मियों और परिचितों की स्मृतियों में बना रहेगा।

पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति

चंद्र किशोर मिश्रा के निधन से रायबरेली ने एक अनुभवी पत्रकार खो दिया है। उनके साथ बिताए गए पल, उनकी बेबाक लेखनी, जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और साथियों के प्रति आत्मीय व्यवहार हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में जो रिक्तता आई है, उसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा।

उनके निधन पर पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनसे जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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