राज्यपाल ने 41 महिला बन्दियों को राजभवन से आये शाल तथा महिला बंदियों के बच्चों को किताबें एवं फल किया वितरित

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कौशाम्बी

प्रदेश की  राज्यपाल ने 41 महिला बन्दियों को राजभवन से आये शाल तथा महिला बंदियों के बच्चों को किताबें एवं फल किया वितरित

राज्यपाल जी ने राजभवन से आये 02 आर0ओ0 प्लॉन्ट जेल अधीक्षक को प्रदान किया

प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल जी जिला कारागार पहुॅचकर 41 महिला बन्दियों को राजभवन से आये शाल तथा महिला बंदियों के बच्चों को किताबें एवं फल वितरित किया। इसके साथ ही मा0 राज्यपाल जी ने शुद्ध पेयजल के लिए राजभवन से आये 02 आर0ओ0 प्लॉन्ट जेल अधीक्षक को जिला करागार के लिए प्रदान किया। राज्यपाल जी ने महामाया डिग्री कॉलेज से जेल भ्रमण पर आये छात्र-छात्राओं से संवाद कर पूॅछा कि आप लोग जेल भ्रमण पर आये एवं महिला बन्दियों से वार्तालाप किया, आप लोगों ने क्या देखा, क्या परखा और क्या सीखा है, जिस पर छात्र-छात्राओं ने बताया कि हम लोग महिला बन्दियों से मिलें, वे किसलिए जेल में बन्द है, जानकारी भी प्राप्त किया तथा यह भी पूॅछा कि आपको अपने अपराध का पश्चाताप हो रहा है या नहीं। उन्होंने महामाया डिग्री कॉलेज के अध्यापकों से पूॅछा कि आप लोगों को यहा आकर कैसा लगा, किस प्रकार की अनुभव रहीं, जिस पर अध्यापकों ने बताया कि हम लोगों ने देखा कि किसी भी स्थिति में अपने स्वभाव को अच्छा रखें तथा गलत कार्य करने से बचें। उन्होंने छात्रों से कहा कि जेलों में बन्द अधिकतर महिलायें दहेज के अपराध में बन्द रहती है, आप लोग आगे चलकर अपने विवाह के समय दहेज की मांग न करें, विवाह के बाद भी बहुओं से मायके से सामान या पैसा लाने के लिए कहा जाता है, ऐसा न करने पर बहुओं को मारा-पीटा या उनकी हत्या कर दी जाती है, ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आप लोग भी दहेज मांगने वालों से शादी करने से मना कर देना। उन्हांने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप लोगों ने जो कुछ भी यहॉ देखा, परखा एवं सीखा उसे निबंध के रूप में लिखें तथा और लोगों को भी बतायें। इसके साथ ही उन्होने जीवन में कभी भी गलत न करने की प्रेरणा भी दी। राज्यपाल ने अध्यापकों से कहा कि छात्रों को अच्छी शिक्षा प्रदान करें तथा उन्हें संस्कारवान बनायें। राज्यपाल जी ने महिला बन्दियों से संवाद करते हुए कहा कि आप लोगों को किसी न किसी अपराध के कारण ही जेल में आना पड़ा है, आप लोग जब अपनी सजा पूर्ण कर जेल से बाहर जायें तब फिर ऐसी गलती न करें, जिसके कारण फिर से जेल आना पड़ें। उन्होंने पूॅछा कि कितने घर में पुत्रवधू है, पुत्रवधुओं के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए, जैसे आप चाहतें है कि आपकी बेटी सुखी रहें, अच्छे घर में शादी हो, परिवार अच्छा मिलें, सास-ससुर व पति परेशान न करें, उसी प्रकार किसी के घर की बेटी आपके यहॉ बहू बनकर आती है तो वह भी बेटी ही है, उसे भी परेशान नहीं करना चाहिए। दहेज, फ्लैट, गाड़ी आदि की मॉग नहीं करना चाहिए, मॉग किये जाने पर बहू अपने मायके से नहीं ला पाती है तो घर में लड़ाई-झगड़ा होता है, लड़ाई-झगड़ा अपराध का कारण बनता है, अपराध होने पर सरकार किसी को छोड़ती नहीं है, किसी को 05 वर्ष, किसी को 10 वर्ष, किसी को आजीवन कारावास की सजा होती हैं। उन्हांने कहा कि घर में शान्ति बनाये रखनी चाहिए। उन्होंने महिला बन्दियों से कहा कि जब आपकी सजा पूर्ण हो जाय तो घर में सुख-शान्ति के साथ रहें। बदलें की भावना मन में नहीं रखना, बदले की भावना अपराध का कारण बनती है तथा अपराध होने पर फिर से जेल आना पड़ेगा, घर बर्बाद हो जातें है, बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाता है, आपके अपराध की सजा बच्चों को भी भुगतनी पड़ती है। उन्हांने महिला बन्दियों से कहा कि जेल में कई प्रकार के प्रशिक्षण दिलाये जाते हैं, कुछ न कुछ हुनर जरूर सीखें, जो सीखे उसमें विशेषज्ञता हासिल कर लें, जिससे सजा पूरी करने के बाद जेल से छूटने पर अपना नया स्वयं का रोजगार भी शुरू कर सकें तथा अपना शेष जीवन खुशहाली से बितायें। राज्यपाल जी द्वारा जेल अधीक्षक भूपेश सिंह से जेल में दिये जा रहें प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त करने पर बताया गया कि सिलाई, कढ़ाई एवं कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्यपाल जी ने कहा कि योगाभ्यास भी कराया जाय। जेल अधीक्षक भूपेश सिंह ने जिला कारागार में बन रहें काऊकोट की भी जानकारी  राज्यपाल जी को दी। इस अवसर पर  सांसद विनोद सोनकर, अध्यक्षा जिला पंचायत कल्पना सोनकर, पूर्व विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, जिलाधिकारी सुजीत कुमार, पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुष्पेन्द्र कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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Author: Up Head Line

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