सिराथू सर्किल बना अवैध कारोबारियों का मुफीद अड्डा, सरिया से लेकर सीमेंट, पेट्रोल, डीजल तक का होता है अवैध कारोबार
कौशांबी
पुलिसिया सरपरस्ती कहे या कुछ और लेकिन एक बात तो तय है कोखराज से लेकर अजुहा तक चोरी की सरिया, सीमेंट, पेट्रोल, डीजल ट्रकों से उतारे व निकाले जाते है। अवैध कारोबारियों की खबर जब प्रमुखता से इलाहाबाद एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया तो अवैध कारोबारियों के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी हड़कप मच गया। मालूम हो कोखराज थाने से लेकर हर दस कदम पर एक ऐसी दुकान है जहाँ पर चोरी की सरिया सहित कई गैर कानूनी कार्य इन दुकानों से संचालित होता है।
जब जांच क्षेत्राधिकारी सिराथू अवधेश विश्वकर्मा को मिली तो पुलिसिया मुखबिर ने अवैध कारोबारियों को पहले ही सावधान कर दिया जिसके चलते काफी मशक्कत के बाद एक अवैध कारोबारी को केसरिया मोड़ से पकड़ कर उस पर सबंधित धाराओं में कार्रवाई कर दी। वहीं लोगों की माने तो हरेक दुकान से पुलिसिया माँहवारी भी बंधी हुई है जिससे पुलिस का खर्चा चलता है। जिसके चलते वे दुकानदार दिन-रात फलते-फूलते हैं। माहवारी मिलने के चलते दुकानों पर डंडा चलाने की हिमाकत भी पुलिस नही करती है। इतना ही नही दुकानदार तो यहाँ तक कहते है कि ये पैसा थाने से लेकर उच्चाधिकारियों के नाम तक दिया जाता है।
कोखराज से लेकर अजुहा तक फैले अवैध साम्राज्य को समय-समय पर पुलिसिया खाद-पानी के सहारे ही फलता-फूलता है जिसके एवज में एक निश्चित रकम दुकानदार सुविधा शुल्क के रूप में थानों व सबंधित जगहों में देते हैं। वही लोगों की माने तो सीओ सिराथू को जाँच मिलने के बाद थानेदार के ड्राइवरों ने सबसे पहले सूचना अवैध कारोबारियों तक पहुँचाई जिसके चलते दर्जनों क़ारोबारियों पर कार्रवाई के बजाय सीओ सिराथू को महज एक से ही खानापूर्ति करना पड़ा। सबसे बड़ा सवाल उठता है की जब पुलिसिया मुखबिर व उसके आका अवैध कारनामो में संलिप्त है तो कारोबारियों के साथ साथ उनके आक़ाओं की जांचकर उन पर कार्रवाई क्यों नही की जाती है।








