दूसरे राज्यों के कैंडिडेट भी बिहार में बनेंगे शिक्षक, नीतीश सरकार ने बदली शिक्षक भर्ती नियमावली

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

नीतीश कैबिनेट ने बिहार में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बड़े बदलाव को मंजूरी दी.
अब बिहार में शिक्षकों की बहाली में स्थायी निवासी होने की बाध्यता को खत्म किया.
शिक्षक बहाली प्रक्रिया में भारत के सभी अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन, 25 एजेंडों पर मुहर.

पटना. बिहार कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए बिहार में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बड़े बदलाव को अपनी स्वीकृति दे दी है. अब बिहार में शिक्षकों की बहाली में स्थायी निवासी होने की अर्हता अनिवार्य नहीं रहेगी. इसका अर्थ यह हुआ कि अब बिहार के अलावा दूसरे राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अभ्यर्थी भी शिक्षक बहाली प्रक्रिया में शरीक हो सकेंगे. नीतीश सरकार ने यह फैसला आवेदन की चल रही प्रक्रिया के बीच में लिया है.

सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, न्यायालयों में चल रहे मामलों को देखते हुए ही सरकार ने यह फैसला लिया है ताकि बहाली प्रक्रिया में कोई व्यवधान नहीं आ सके. बता दें कि बिहार में फिलहाल 1 लाख 70000 शिक्षकों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. आवेदन 15 जून 2023 के लिए जा रहे हैं जो 12 जुलाई तक लिया जाएगा.

कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
सात निश्चय योजना 2 के तहत सभी की वर्गो के कृषको के स्वरोजगार के लिए डेयरी इकाई की स्थापना के लिए 37 करोड़ 5 लाख अनुदान व्यय करने की स्वीकृति.राज्य में पर्यटकों को आधुनिक सुविधा युक्त आवासन उपलब्ध कराने हेतु होटल पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस स्टैंड परिसर और सुल्तान पैलेस की भूमि पर पांच सितारा होटल के निर्माण की स्वीकृति. स्मार्ट पीडीएस को राज्य में लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने पर स्वीकृति. पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर कैबिनेट का फैसला. थानों में जब्त गाड़ियों को रखने के लिये दूजरा में 18 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए स्वीकृति. सभी थानों की जब्त गाड़ियां यही रहेंगी.

नीतीश सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत बिहार के 8 जिलों अररिया, अरवल, नवादा, मधुबनी, लखीसराय, वैशाली, कटिहार एवं सीतामढ़ी में 520 बेड के अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय निर्माण के लिए 46,35,28,000 प्रति विद्यालय की दर से कुल 370 करोड़ 82 लाख 24 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. वहीं पंचायती राज विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में लिपिक संवर्ग के पूर्व से सृजित पदों के अलावे 675 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है.

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें