
मो. सरफराज आलम/सहरसा. साइबर फ्रॉड का शिकार होने के बाद आमतौर जिले में लोग केस दर्ज करवाने के लिए थाना से लेकर एसपी तक के कार्यालय कार्यालय का चक्कर काटते रहते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. ठगी के शिकार लोग आसनी से अपना केस दर्ज करवा सकेंगे. इसके आधार पर घटना में शामिल आरोपियों को पुलिस खोजकर पीड़ित को न्याय दिलवा सकेगी.
दरअसल, सरकार के आदेश से बिहार के सभी जिले में सइबर थाना खोला गया है, जहां लोग साइबर ठगी से संबंधित मामलों की शिकायत दर्ज करवा सकेंगे. वहीं अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है, तो आप डायल 1930 पर भी कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. या इससे संबंधित पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत कर सकते हैं. जल्द ही इस थाने के माध्यम से साइबर अपराध से संबंधित जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.
महिला था कैंपस में खुला साइबर थाना
कोसी रेंज के डीआईजी विनोद कुमार ने सहरसा शहर में स्थित महिला थाना कैम्पस में साइबर थाना का उद्घाटन किया. इस दौरान डीआईजी ने कहा कि बहुत दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं. इसके माध्यम से हजारों लोग प्रभावित हो रहे थे.
इसका मेन थाना पटना में था. वहां से पूरे राज्य के मामलों को देखना और सइबर फ्रॉड को रोकना कठिन हो रहा था. इस कारण से सरकार ने यह निर्णय लिया कि सभी जिले में साइबर थाना खोला जाए. इसी कड़ी में सहरसा में भी साइबर थाना का उद्घाटन किया गया है. जिले के लोग अब इसी थाने में साइबर ठगी से जुड़ी समस्याओं की शिकायत करेंगे.
पुलिस उपाधीक्षक होंगे थानाध्यक्ष
डीआईजी ने बताया कि साइबर थानाध्यक्ष के रूप में पुलिस उपाधीक्षक को प्रतिनियुक्त किया गया है. जबकि इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी एडिशनल थानाध्यक्ष होंगे. थाना में सब इंस्पेक्टर और डाटा इंट्री ऑपरेटर होंगे.
ऐसे में अब साइबर फ्रॉड के मामलों का त्वरित निष्पादन होगा. आपको बता दें कि इस थाने में ऑनलाइन इंटरनेट से संबंधित शिकायत, महिलाओं के विरुद्ध ऑनलाइन इंटरनेट से संबंधित शिकायत, बच्चों-व्यस्कों के विरुद्ध ऑनलाइन इंटरनेट से संबंधित अपराध, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के अधीन परिभाषित अन्य सभी अपराधों से पीड़ित लोग शिकायत देंगे. आवेदन के बाद पुलिस टीम त्वरित जांच कर कार्रवाई करेगी.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 22:30 IST








