
निखिल स्वामी / बीकानेर. बीकानेर का खान पान पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. यहां की कचौरी के दीवाने देश के लोगों के अलावा विदेशी सैलानी भी है. सुबह से शाम तक इस शहर के लोग लाखों रुपए की कचौरी खा जाते है. साथ ही हर साल कचौरी से इस शहर में करोड़ो का कारोबार होता है. यहां वैसे तो हर चौक चौराहे पर एक कचौरी की दुकान मिल जाएगी. इन सभी दुकानों के आगे कचौरी खाने वालों की जबरदस्त भीड़ लगी रहती है. ऐसे में बीकानेर के चाय पट्टी स्थित जूनिया महाराज कचौरी वाले की दुकान पर सुबह से शाम तक कचौरी खाने वालों की लाइनें लगी रहती है.
गर्मा गर्म भट्टी में डालकर बनाती है कचौरी
दुकान संचालक राजकुमार आचार्य ने बताया कि कचौरी को बनने में करीब आधे घंटे का समय लगता है. यहां कचौरी की खासियत है कि यह मोठ और मोगर से बनकर तैयार मसाले की बनी होती है. जो बीकानेर के स्वाद को दुगुना कर देती है. आचार्य बताते है कि कचौरी में मैदा, मिर्च मसाले, हींग आदि डाले जाते है इसके बाद गर्मा गर्म भट्टी में डाल दिया जाता है. करीब आधे घंटे पकने के बाद इसे लोगों को दिया जाता है. एक बार में भट्टी पर करीब 150 से अधिक कचौरी को पकाया जाता है. बीकानेर में इस एक कचौरी की कीमत 15 रुपए है.








