एक विवाह ऐसा भी…70 साल का दूल्हा और 65 की दुल्हन, ढोल नगाड़ों के साथ पूरा गांव डूबा जश्न में

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हाइलाइट्स

बांसवाड़ा में हुआ अनोखा विवाह
बुजुर्ग दंपति ने 55 साल बाद फिर रचाया विवाह
आदिवासी रीति रिवाजों से हुई दंपति की फिर से शादी

आकाश सेठिया.

बांसवाड़ा. राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य बांसवाड़ा (Banswara) जिले में एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है. यहां एक आदिवासी जोड़े ने शादी के 55 साल बाद एक फिर से शादी (Marriage) की. इस शादी में दूल्हे की उम्र जहां 70 साल की थी वहीं दुल्हन की 65 साल की थी. यह शादी इस दंपति के बेटे, बहुओं और पोते तथा पोतियों ने कराई है. इस दंपति की पहले जब शादी हुई थी तो वह आदिवासी रीति रिवाज से नहीं हो पाई थी. लिहाजा उम्र के इस पड़ाव में परिजनों ने उनकी इच्छा के मुताबिक फिर से रीति रिवाजों के साथ शादी करवाई.

इस शादी में पूरे गांव ने जश्न मनाया गया. 70 साल के दूल्हे को परिजनों और ग्रामीणों ने कंधे पर बिठाकर डांस किया. बैंड बाजा और बारात से पूरा गांव गुलजार हो गया. यह शादी बांसवाड़ा जिले के मेनापादर गांव में बीते पांच और छह जून को हुई है. इस बुजुर्ग जोड़े की शादी में पूरे गांव ने जमकर एंजॉय किया.

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गलिया 55 साल पहले नातरा प्रथा से लाया था कली को
दरअसल गलिया (70) 55 साल पहले कली को नातरा प्रथा से लाया था. लेकिन उस समय कुछ मजबूरियों के चलते उनकी विधि विधान से शादी नहीं हो पाई थी. बाद में दोनों के तीन बच्चे हो गए. इनमें दो बेटे और एक बेटी है. तीनों बच्चों की भी विधि विधान से शादी हो गई. उनके भी बच्चे हो गए. इससे गलिया और कली दादा-दादी और नाना नानी बन गए. लेकिन गलिया और कली के मन में आदिवासी रीति रिवाज से शादी करने की बड़ी इच्छा थी.

सभी सामाजिक रस्मों को निभाया गया
उनकी इच्छा को देखते हुए गलिया और कली के बेटे-बहुओं और पोते तथा पोतियों ने उनकी विधि विधान से शादी करवाने की ठानी. विधि विधान से शादी की बात सुनकर दोनों बेहद खुश हुए. बस फिर क्या था परिजनों ने ढोल, नगाड़े और शहनाई बजाते हुए आदिवासी रीति रिवाज से बीते 5 और 6 जून को दोनों का ब्याह कराया. इसमें आदिवासी समाज की सभी सामाजिक रस्मों को निभाया गया.

दूल्हे बने गलिया को कंधे पर बैठाकर उत्साह से डांस किया
दूल्हा गलिया और दुल्हन कली को हल्दी रस्म भी अदा की गई. मंगल गीत गाए गए. इस अनूठी शादी से ग्रामीण इतने खुश थे कि पूरे गांव में उत्सव का माहौल हो गया. मेनादर गांव में पहली बार इस उम्र के पड़ाव में किसी ने शादी की थी. बेटों और पोतों ने दूल्हे बने गलिया को कंधे पर बैठाकर उत्साह से डांस किया. इस विवाह में बच्चे, बड़े और बुजुर्ग भी बाराती बनकर पहुंचे. बुजुर्ग दूल्हे दुल्हन को विधि विधान के साथ फेरे दिलाए गए.

Tags: Banswara news, Marriage ceremony, Rajasthan news, Wedding Ceremony

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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