18 लाख का पैकेज छोड़कर युवक ने शुरू किया स्टार्टअप, महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में भी मिल रही गन्ने की आइसक्रीम

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नीरज कुमार/बेगूसराय: देश में जब से आत्मनिर्भर भारत का अभियान शुरू हुआ है तब से यह मुहिम रंग ला रहा है. युवा अब जॉब करने के बजाए जॉब क्रिएटर बनते लजा रहे हैं. युवा अच्छी-खासी पैकेज की नौकरी छोड़ खुद का स्टॉअर्अप शुरू करने में लगे हुए हैं और इससे मुनाफा भी कमा रहे हैं.

बेगूसराय में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. यहां के युवाओं ने भी समझ लिया है कि आज के दौर में कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है. बस कुछ कर गुजरने का जुनून होना चाहिए. इसी को चरितार्थ किया है बेगूसराय जिला के रतनपुर गांव के रहने वाले युवा गौरव कुमार ने. 2012 में जयपुर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई शुरू की.

2014 में पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटरनेशनल कंपनी में 8 वर्षों तक जॉब किया. साल 2022 में बेहतर पैकेज की नौकरी छोड़ वापस बेगूसराय आ गए और कुछ स्थानीय युवाओं को साथ लेकर ओके फ्रेस के नाम से गन्ना का आइसक्रीम का दुकान खोला है. आज यह ब्रांड नेम ओके फ्रेस शहर में बेहद लोकप्रिय है और इससे कमाई भी हो रही है.

40 जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाते हैं गन्ने का आइसक्रीम
बेगूसराय जिले के रतनपुर के रहने वाले गौरव कुमार ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 18 लाख के सालाना पैकेज पर काम कर रहे रहे थे. 8 वर्षो तक लगातार काम करने के बाद खुद का व्यवसाय शुरू करने का मन लिया. बस क्या था जॉब छोड़ दी और वापस गांव आ गए. अब कुछ स्थानीय दोस्तों के साथ मिलकर गन्ने का आइसक्रीम बना रहे हैं.

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इस प्रक्रिया में किसान से डायरेक्ट गन्ना खरीद कर उन्हें अच्छी कीमत भी दे रहे है. गौरव के सहयोगी ने बताया कि गन्ने के रस से आइसक्रीम बनाने में 4 घंटे का समय लगता है. पहले गन्ने का रस मशीन से निकालकर आइसक्रीम फ्रेम में 40 जड़ी बूटियों से मिला मसाला के साथ नींबू और पुदीना डालकर जमने के लिए छोड़ देते हैं. तब जाकर यह बनकर तैयार हो जाता है. इसके बाद लोगों को सर्व कर रहे हैं. नेचुरल होने की वजह से लोग इसे पसंद कर रहे हैं और अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है.

टोटल सेल की 20 फीसदी होती है कमाई
गौरव कुमार अपने 8 सहयोगी के साथ मिलकर 4 चार आउटलेट चला रहे हैं. जल्द हीं पांचवा आउटलेट भी खोलने वाले हैं. वहीं एक आइसक्रीम पीस की कीमत 10 रूपए है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के बाद सिर्फ बेगूसराय में ही गन्ने का आइसक्रीम उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं गन्ने के आइसक्रीम का स्वाद ले रहे सुमित कुमार ने बताया इससे बेहतर गर्मी में ओर कुछ नहीं हो सकता. प्रत्येक आउटलेट से रोजाना लगभग 150 पीस आईसक्रीम की बिक्री हो जाती है. वहीं एक स्टॉल पर रोजाना लगभग 1500 आईसक्रीम की बिक्री हो रही है. इसका 20 फीसदी शुद्ध कमाई है. यह कमाई 8 सहयोगी को मेहनताना देने के बाद होती है.

Tags: Begusarai news, Bihar News, Local18

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Author: Up Head Line

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