कॉरपोरेट सेक्टर की नौकरी छोड़कर शुरू किया पशुपालन, अब 4000 से 4500 रुपया लीटर घी बेच रहा यह शख्स

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रवि पायक/ भीलवाड़ा.जहां आज के आधुनिक दौर में हर कोई व्यक्ति बदलते दौर के साथ आगे बढ़ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर भीलवाड़ा का एक शख्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को संजोए हुए खुद को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रहा है. भीलवाड़ा के इस शख्स ने पहले कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी की. लेकिन उनका मन यहां नहीं लगा था तो उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़कर गौ सेवा में लग गए. यह एक ऐसा शख्स है जो आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल रहा है.

भीलवाड़ा जिले के रहने वाले सूरत राम ने एक किसान परिवार में जन्म लिया हैं. पढ़ाई केबाद कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी के लिए आगे बढ़ा, लेकिन वहां मन नहीं होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ अपने गौ सेवा की तरफ मुड़े. आज इनके पास करीब 70 गाय हैं. इनका लक्ष्य है कि जल्द ही मैं गायों की संख्या को 150 -200 तक पहुंचा दूं. लोग यहां से प्रेरणा भी ले रहे हैं और अपना भविष्य इस और तलाश रहे है. यही नहीं इनके पशुपालन की वजह से इन्हें अच्छा खासा मुनाफा भी हो रहा है.

150 से 200 गायों का रखा लक्ष्य
भीलवाड़ा जिले के रहने वाले सूरत राम जाट ने कहा कि पहले वे कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरी करते थे. अब देसी गिर नस्ल की गायों के पालन का काम शुरू किया है. उन्होंने गाय का दूध बेचने के स्थान पर दूध से घी बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन 4 हजार से 4500 हजार रुपये लीटर बेच कर लाखों रुपए महीना कमाने लगे हैं.उनके पास अभी गिर और देसी नस्ल की 70 गाय हैं. जिनकी संख्या बढ़ाकर वो 150 से 200 करना चाहते हैं. इससे वहा और अधिक आत्मनिर्भर बन सकें. अभी उनके पास गिर, कांकरेज, साहिवाल राठी और थारपारकर नस्ल की गाय हैं. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की बात से अत्यधिक प्रेरित है अपनी गाय के चारे के लिए वह किसी प्रकार के रसायनिक खाद का प्रयोग नहीं करते हैं. चारे की फसल में केवल देसी गाय के गोबर से बनी खाद का ही प्रयोग करते हैं. यहां तक कि पशुओं को खिलाने के लिए देसी मक्का, बाजरा और गुड़ के मिश्रण को तैयार करते है.

पशुपालन से काम आ रहे अच्छा मुनाफा
पशुपालक सूरत राम जाट ने यह भी बताया कि इस समय देश में घी और दूध का मार्केट बहुत बड़ा है जो लोग 500 से 600 रुपये किसी या लीटर के हिसाब से घी खरीदते हैं वह शुद्ध नहीं हो सकता है. 1 लीटर घी बनाने में 30 लीटर दूध लगता है. 1 लीटर दूध की औसतन कीमत 50 रुपये से कम नहीं हो सकती है. ब्रीड संवर्धन से इस देसी गाय को बचाने में लगा हुआ हूं. देशी गाय पालन से अन्य गाय पालन की तुलना में मुनाफा अधिक होता है. मेरे पास 70 गाय हैं. मैंने पिछले वर्ष एक गाय 2 से 3 लाख रुपए में बेची. एक गाय 6 से 10 लीटर दूध देती है. फिर भी मैंने आज तक दूध नहीं बेचा है.पहले मैं इन गायों का घी 2000 रुपये प्रति लीटर बेचता था. अब 4 हजार से 4500 रुपये प्रति लीटर से बेच लेता हूं.

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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 14:25 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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