
प्रतापा राम/जैसलमेर. आपने आज तक घोड़े और रथ या महंगी से महंगी गाडी पर बारातें तो निकलती देखी होंगी लेकिन जैसलमेर जिले के कोटड़ी में मंगलवार रात निकली एक बारात सभी के लिए चर्चा का विषय रही. यह बारात न घोड़े पर निकली और न ही रथ पर. इस बारात में दूल्हा हाथी पर सवार था. रात करीब नौ बजे रेतीले शहर जैसलमेर में जब हाथी पर सवार दूल्हा सड़कों पर निकला तो हर कोई इसे देखने के लिए उमड़ पड़ा. जिस किसी को यह हाथी दिखा उसने इसके साथ सेल्फी ली.
जैसलमेर के कोटड़ी गांव में एक बारात मसूरिया गांव से आई जिसे देखने आस-पास के गांवो से देखने हुजूम उमड़ पड़ा. दरअसल कोटड़ी गांव मे स्व. कीरतसिंह की पुत्री का विवाह 6 जून को सम्पन्न हुआ. हर पिता की तरह उनका भी सपना था कि वे अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से करेंगे और इसे खास बनाएंगे. लेकिन कीरतसिंह का 2016 में ही देहांत हो गया. उनकी इच्छा थी कि उनकी बेटी मोहन कंवर की शादी में कोई नई पहल करें जो अब तक गांव और आस-पास के क्षेत्र में ना हुई हो. उनकी इसी इच्छा को लेकर दुल्हन के ताऊ भगवानसिंह और दुल्हन के 4 भाइयों मनोहर सिंह, पूनमसिंह, उम्मेदसिंह, शैतानसिंह ने इस शादी को ख़ास बना दिया और दूल्हा हाथी पर बैठकर आया.
हाथी-घोड़ो पर सजी बारात को देखने उमड़ पड़ी भीड़
दूल्हा थानसिंह पुत्र मूलसिंह सोढा गांव मसूरिया जो भारतीय थलसेना में राइफल मैन के रूप में सूरतगढ़ में तैनात हैं उनकी बारात जैसे ही कोटड़ी गांव पहुंची बारात का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ. इस दौरान दूल्हा हाथी पर सवार हुआ और दुल्हन के घर तक पहुंचा. कोटड़ी गांव मे पहली बार हाथी पर सवार दूल्हे को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी तो महिलाएं अपने घरों की छत पर तो कोई मेड़ी पर चढ़ गई.
जोधपुर से दो लाख 25 हजार रुपये में मंगवाया हाथी
यह हाथी किराए पर जोधपुर से दो लाख पच्चीस हजार रुपए लागत के साथ मंगवाया गया. इसके अलावा इसे कोटड़ी गांव तक लाने के लिए किराया अलग से देना पड़ा. हाथी को जोधपुर के पाल रोड स्थित गंगा आश्रम से लाया गया. यहां लाकर इसे विशेष गहनों से सजाया गया. इसके साथ हाथी के ऊपर दूल्हे के बैठने के लिए विशेष स्थान बनाया गया हाथी को कंट्रोल करने के लिए महावत भी साथ थे.
लोग लेने लगे सेल्फी
जिस भी व्यक्ति ने हाथी पर बारात और दूल्हे को देखा उसने उसके साथ सेल्फी ली. बारात जिन भी रास्तों से निकली वहां भी इसे देखने निकले लोगों ने इसके फोटो और वीडियो तैयार किए. कस्बे के लोगों ने इसे अनूठा अनुभव बताया.
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FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 14:46 IST








