
वसीम अहमद/अलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय फिर से एक बार विवादों में घिरते नजर आ रहा है. इस बार विवाद विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम को लेकर है. दरअसल, कोर्स को इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (आईसीएआर ) से मान्यता नहीं है. इसी बात को लेकर बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एग्रीकल्चर फैकल्टी विभाग द्वारा बीएससी एग्रीकल्चर का कोर्स पिछले काफी समय से छात्रों को कराया जा रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय के इस पाठ्यक्रम को इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च से मान्यता नहीं मिली है.
यह मामला तब सामने आया, जब कुछ छात्रों ने अन्य विश्वविद्यालय में आवेदन किया, लेकिन उनकी डिग्री को मान्यता ना मिलने की बात कही गई. आईसीएआर की टीम ने जब मान्यता के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विजिट किया तो वहां कई चीजें मानक के अनुरूप नहीं मिली. जिनको सही करने के लिए आईसीएआर की टीम ने एएमयू को कहा था. अब जब छात्रों के सामने यह समस्या आई तो AMU प्रशासन उन मानकों को पूरा करने में लग गया है. जिनकी वजह से अभी तक आईसीएआर द्वारा मान्यता नहीं दी गई थी.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय के मेंबर इंचार्ज प्रो आसिफ सिद्दीकी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह इशू अभी आया है और यूनिवर्सिटी इसे ठीक करने का पूरा प्रयास कर रही है. इसमें विद्यार्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है और इस तरह की जो भी टेक्निकल चीजें आती हैं, उनको दूर किया जा रहा है और इसमें एक चीज और बहुत महत्वपूर्ण है, मैं बताना जरूरी समझता हूं कि जो इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च का नोटिफिकेशन है, उसमें साफ-साफ लिखा हुआ है कि जो स्टूडेंट पास करके निकल रहे हैं उसके लिए आईसीएआर का मान्यता जरूरी नहीं है.
उन्होंने बताया कि अगर छात्रों को पीजी, पीएचडी प्रोग्राम में या किसी और प्रोग्राम में 2023-24 को एडमिशन लेनी है तो इस मान्यता की इसमें कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि 2023-24 से एडमिशन ले सकते हैं फिर भी यूनिवर्सिटी अपने प्रयास कर रही है. यह टेक्निकल चीज है उसको दूर कर दिया जाएगा. इसकी हमें जानकारी नहीं है कि कितने बच्चे हैं, लेकिन जो खासतौर से छात्रों की चिंता है मान्यता को लेकर, उसके बारे में बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 17:46 IST








