
परमजीत कुमार/देवघर. भारत में मनाये जाने वाले कई प्रमुख त्योहार हैं. उन्ही में से एक है जगन्नाथ पर्व. इस पर्व पर रथ यात्रा निकाली जाती है. ऐसे तो यह मुख्य रूप से उड़ीसा का पर्व है, लेकिन अब लगभग सभी जगह इसे मनाया जाने लगा है. बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने बताया कि हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ पर्व मनाया जाता है.
पंडित नन्दकिशोर मुदगल के अनुसार, इस बार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 19 जून को 9 बजकर 48 मिनट से प्रारंभ होकर 20 जून को 11 बजकर 4 मिनट तक रहने वाला है. यह पर्व शुक्ल पक्ष में विशेषकर उदया तिथि को मनाया जाता है, इसलिए जगन्नाथ पर्व 20 जून को मनाया जाएगा.
रथ यात्रा का महत्व
पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने बताया कि जगन्नाथ पर्व में मुख्य रूप से रथ यात्रा निकाली जाती है. देवघर के शिक्षा सभा चौक, बलानंद आश्रम, रोहिणी आदि जगहों से रथ यात्रा निकालकर पूरा नगर में भ्रमण कराया जाता है. धार्मिक शास्त्र के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण, भाई दाऊ, भैया और बहन सुभद्रा के साथ इस रथ यात्रा में विराजमान रहते हैं. शहर भर में इस रथ को भ्रमण कराया जाता है और शाम के समय रथ को श्री कृष्ण के मौसी के यहां पहुंचाया जाता है. भगवान वहां एक सप्ताह के लिए अपने भाई-बहन के साथ विश्राम करते हैं और पुनः एक सप्ताह के बाद रात को भगावान को मंदिर लाया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 18:02 IST








