Cricket News: आज तक कोई भी इंटरनेशनल क्रिकेट मैच नहीं हारी हमारी इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट टीम,लगन से खेल जगत में एक नया इतिहास रचा

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


विजय राठौड़ / ग्वालियर. कोई भी काम आपकी मेहनत और जुनून से बड़ा नहीं होता, अगर आपकी लगन और मेहनत सच्ची है तो बाधाएं भी आपके सामने घुटने टेकने को मजबूर हो जाती हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है खेल जगत के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने वाले दो खिलाड़ियों ने, जिनका खेल और उनकी हिम्मत ही आज उनकी पहचान बन चुकी है. तो आइए मिलते है इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान सोमजीत सिंह और एमपी व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान कबीर सिंह से..

इंडियन टीम आज तक नहीं हारी कोई भी इंटरनेशनल मैच
इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान सोमजीत सिंह ने बताया कि क्रिकेट बचपन से ही बहुत पसंद था और जब भी ग्राउंड में खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलते हुए देखते थे तो देखकर सोचते कि हम भी कभी क्रिकेट खेल पाएंगे. मन में विचार आया और कुछ मेरे जैसे ही और साथियों को इकट्ठा कर हमने प्रैक्टिस करना शुरू किया. फिर धीमे-धीमे हम लोग मैच खेलने लगे जब लोगों को हमारे यह प्रयास दिखने लगे तो 2014 में क्लब लेवल पर भी क्रिकेट शुरू हुआ. फिर राज्य स्तर पर हुआ और अब नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर भी हम लोग खेल चुके हैं. बड़ी बात यह है कि इंटरनेशनल लेवल पर देश से बाहर हमने जितने भी मैच खेले हैं किसी में भी हम हारे नहीं हैं.

मध्य प्रदेश व्हीलचेयर टीम के कैप्टन कबीर सिंह ने बताया कि जब हमने देखा कि इस तरह से भी मैच खेले जा सकते हैं. तो 2017 में हमने भी मैच खेलने की शुरुआत की और अभी तक खेल रहे हैं. और हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग खिलाड़ी बाहर निकल कर आए और देश में होने वाले खेलों में भाग लें.

जीतने का पैशन और जज्बा वही होता है
इस अनोखे क्रिकेट के विषय सोमजीत सिंह ने बताया कि हमारे मैच में और दूसरे मैचों में कोई विशेष अंतर नहीं होता है. वही लेदर बॉल होती है वहीं पैड होते हैं. वही सारे नियम होते हैं, बस क्रिकेट फील्ड की बाउंड्री थोड़ी छोटी कर दी जाती है. लेकिन मैच को जीतने की और खेलने की भावना पैशन वही रहता है.

लोगों को नहीं था भरोसा, आज वही लोग थपथपाते है पीठ
उन्होंने ने बताया कि जब मुझे खेलने का मन होता था और हमें खेलने से मना कर दिया जाता था. तो काफी निराशा होती थी. जब हमने खेलना शुरू कर दिया उसके बाद भी कई सारी परेशानियां हुई. कई बार लोग कहते थे कि व्हीलचेयर से हमारी पिच खराब हो जाती है. ग्राउंड खराब हो जाएगा. तो इस तरह की कई परेशानियां सामने आती थी. लेकिन आज वही लोग हमें खेलता देख आकर हमारी पीठ थपथपाते हैं. तो बड़ा अच्छा महसूस होता है. उन्होंने बताया कि अब तो बीसीसीआई ने भी अपने बैनर के नीचे एक कमेटी बनाई है. जिसमें दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के क्रिकेट खेलना सिखाया जाता है. कबीर का कहना है कि काफी अच्छा लगता है जब देश में इतने बड़े खेल से हम जुड़े हैं और लोग हमसे मिलने आते हैं तो खुशी भी होती है.

.

FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 10:53 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें