बालासोर. ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 261 हो गई. वहीं इस हादसे में करीब 1,000 यात्री घायल हुए हैं. इस दुर्घटना के बाद रेल पटरियां लगभग पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं और रेलगाड़ियों के कुछ डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए, जबकि कुछ डिब्बे टकराने के कारण पलट गए हैं. इस हादसे को लेकर यात्रियों ने बताया दुर्घटना के दृश्य इतने वीभत्स हैं कि उन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.
हादसे की शिकार कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार अनुभव दास नामक यात्री ने ट्विटर पर घटनास्थल का सारा आंखों देखा हाल बयान किया है. उन्होंने अंदाजा लगाते हुए लिखा था, ‘मैं बेहद आभारी हूं कि मैं सकुशल बच गया. यह शायद सबसे बड़ा रेल हादसा है. मैं बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बता रहा, लेकिन मैंने खुद 200-250 से अधिक मौतें देखी हैं.’
अनुभव दास ने बताया आंखों देखा हाल
अनुभव दास ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात करीब साढ़े 12 बजे लिखा था, ‘हादसे में तीन ट्रेनें शामिल थीं- कोरोमंडल एक्सप्रेस, यशवंतपुर हावड़ा सुपर फास्ट और एक मालगाड़ी. प्रारंभिक धारणा है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई और मालगाड़ी (लूप ट्रैक के किनारे खड़ी) से टकरा गई. इसके बाद पटरी से उतरे डिब्बे बगल की पटरी पर आ रही यशवंतपुर एक्सप्रेस से टकरा गए. यशवंतपुर एक्सप्रेस के तीन जनरल डिब्बे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर पटरी से उतर गए. कोरोमंडल एक्सप्रेस के जनरल, स्लीपर, एसी 3 टीयर और एसी 2 टीयर सहित लगभग 13 डिब्बे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं.’
अपने सिलसिलेवार ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘रेल पटरियों पर खून ही खून बिखरा था. यह एक ऐसा नजारा था जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा. भगवान परिवारों की मदद करें. मेरी संवेदनाएं.’

चारों तरफ शव पड़े हुए देखे
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ब्रह्मपुर के रहने वाले पीयूष पोद्दार कोरोमंडल एक्सप्रेस से तमिलनाडु जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई. उन्होंने कहा, ‘हमें झटका लगा और अचानक हमने ट्रेन के डिब्बे को एक तरफ मुड़ते देखा. ट्रेन इतनी तेजी से पटरी से उतरी कि हममें से कई लोग डिब्बे से बाहर गिर गए. हमने अपने चारों तरफ शव पड़े हुए देखे.’
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हादसे के बाद यात्रियों के चीखने की आवाजें सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल की तरफ मदद के लिए दौड़े. इन लोगों के मुताबिक, उन्होंने वहां पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे देखे, जो ‘स्टील के बिखरे हुए ढेर’ की तरह लग रहे थे. रूपम बनर्जी नाम की एक यात्री ने पत्रकारों से कहा, ‘स्थानीय लोग तुरंत हमारी मदद करने के लिए आए… उन्होंने न केवल लोगों को बाहर निकालने में मदद की, बल्कि हमारा सामान निकाला और हमें पानी पिलाया.’
मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये का मुआवजा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए दो-दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि की घोषणा की.
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Tags: Indian Railways, Odisha news, Train accident
FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 18:04 IST








