
पवन कुमार/रेवाड़ी. रेवाड़ी शहर का तेज सरोवर जिसे बड़ा तालाब के नाम से जाना जाता है. ये तेज सरोवर रेवाड़ी की ऐतिहासिक धरोहर है. तेज सरोवर यानि बड़े तालाब के इतिहास की बात करें तो इस तालाब का निर्माण रेवाड़ी के शासक राव रामसिंह ने पानी की किल्लत को देखते हुए शुरू कराया था. लेकिन वह रेवाड़ी पर माधव राव सिंधिया द्वारा आक्रमण के दौरान शहीद हो गए थे. इसलिए तेज सरोवर का काम रुक गया था. जिसके बाद राव तेजसिंह के राज में दोबारा सन 1772 में तेज सरोवर का निर्माण शुरू कराया गया और सन 1775 में इस तेज सरोवर का निर्माण कार्य पूरा हुआ था. यह तेज सरोवर कला और कारीगरी का नमूना है. तीन मंज़िल ऊंची तेज सरोवर में स्त्री और पुरुष स्नान घाट बनाए गए थे.
तेज सरोवर के तीन तरफ प्राचीन शिव मंदिर, हनुमान जी का मंदिर और दुर्गा मंदिर बनाया गए थे . जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं. बताया जाता है कि जिस वक्त तालाब का निर्माण शुरू हुआ था. उससे पहले शिवालय का निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया था .कहा ये भी जाता है कि नारनौल में इसी तरह का तालाब बनाया गया था जो सुरंग के रास्ते रेवाड़ी के तालाब से जुड़ा हुआ है.
एतिहासिक धरोहर हुआ सिस्टम का शिकार
इस तेज सरोवर बड़ा तालाब की मौजूदा हालात की बात करें तो ये एतिहासिक धरोहर खंडहर में तब्दील हो चुकी है. यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है. समय-समय पर तालाब के जीर्णोद्धार के लिए बात की जाती रही हैं लेकिन हालात आज तक नहीं सुधरे. ये कह सकते हैं कि अब तक ये तालाब खराब सिस्टम का शिकार हो रहा है. हालांकि अब एक बार फिर 16 करोड़ की लागत से इस बड़ा तालाब के जीर्णोद्धार की बातें की जा रही है.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 17:06 IST








