हाथी की तरह से सूज गया मह‍िला का पांव, जिसे समझ रही थी चर्बी, वह निकली एक दुर्लभ बीमारी

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हेल्‍थ को लेकर आजकल लोग ज्‍यादा सचेत रहने लगे हैं. खासकर जबसे फ‍िट रहने का जूनून सवार हुआ है, वह कोई रिस्‍क नहीं लेना चाहते. खासकर मह‍िलाएं. कई मह‍िलाएं तो खाना पीना तक छोड़ देती हैं, अगर उनके शरीर पर ज्‍यादा चर्बी नजर आए. लेकिन क्‍या हो, अगर यह चर्बी की जगह कुछ और हो. ब्रिटेन में एक मह‍िला के साथ यही हुआ. उसका पैर हाथी की तरह फूलता जा रहा था. डॉक्‍टरों ने देखा तो उसे ही फटकारने लगे. हेल्‍दी खाने की सलाह देते. मगर बाद में पता चला कि दरअसल, यह एक दुर्लभ बीमारी है.

23 साल की एम्‍मा मार्टिन ने बताया कि उनके पैरों की बनावट उनके शरीर की तुलना में कुछ अलग ही थी. उनमें लगातार सूजन हो रही थी. चाहे मैं कितना ही कम खाना खाऊं, कितना ही एक्‍सरसाइज करूं. मैं शर्मिंदा महसूस कर रही थी. जब भी मैं डॉक्‍टर को दिखाती थी तो सिर्फ यही कहते कि वजन कम करो. कुरकुरे और केक खाना बंद करो. मेरा वजन उम्र के हिसाब से काफी कम था, लेकिन फ‍िर भी डॉक्‍टर कहते थे कि वजन कम करो. बार-बार मुझे लगता था कि मेरी ही गलती है. यहां तक क‍ि मैं छोटी थी तो स्‍कूल में लोग मुझे चिढ़ाते थे. बच्‍चे कहते थे कि मेरा पैर, उनके पैर से अलग है.

शरीर दुबला हो गया लेकिन पैर नहीं
मार्टिन ने कहा, पैरों को पतला करने के लिए मैंने खाना पीना छोड़ दिया. यहां तक क‍ि एक निजी ट्रेनर तक रखा. स्‍कूल जाना छोड़ दिया. हालत यह हो गई कि मेरी कमर पतली हो गई. पूरा शरीर दुबला हो गया लेकिन पैरों का आकार वही बना रहा. मुझे लगा कि पैरों में चर्बी जमा हो गई है; दोनों पांव में खूब दर्द हो रहा था. इससे बचने के लिए तमाम तरह की दवाइयां खाईं लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. इसी बीच लव आइलैंड शो की एक प्रतिभागी शौघना फ‍िल‍िप्‍स ने एक ट्ववीट किया, जिसे देखकर मैं हैरान रह गई. बिल्‍कुल यही समस्‍या मुझे थी.

क्‍या है लक्षण और ट्रीटमेंट
दरअसल, शौघना ने लिम्फोएडेमा या लिपोएडेमा (Lymphoedema or Lipoedema) के बारे में बताया. हार्मोन असंतुलन की वजह से यह समस्‍या आती है. इसमें नाभि के नीचे शरीर के आधे हिस्से का आकार बदलने लगता है. नितंबों, जांघों और पैरों में लगातार फैट जमा होने लगता है और निचला शरीर भारी होता जाता है. इससे ग्रसित आदमी ज्‍यादा देर तक खड़ा नहीं हो सकता. सीढियों पर चढ नहीं सकता. ऑर्म्स वाली कुर्सियों पर बैठना काफी चैलेंजिंग होता है, क्योंकि शख्‍स उसमें फंस जाता है. यहां तक क‍ि कार भी चलाना मुश्क‍िल होता है. यह एक दुर्लभ बीमारी होती है. एक लाख में से एक इंसान को ही यह बीमारी होती है. इससे दुनिया की 11 प्रतिशत महिलाएं पीड़ित हैं.इसका कोई परमानेंट इलाज नहीं है.दवाओं की मदद से सिर्फ लक्षणों को कम किया जा सकता है. मार्टिन ने इससे निपटने पर 20 हजार डॉलर तक खर्च कर डाले.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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