
परीक्षा ठाकुर/बहादुरगढ़. कोविड-19 के दौरान जरूरतमंदों की सहायता के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए एक तरफ जहां सरकार गंभीर है. तो वहीं अधिकारी भी इसके लिए प्रयासरत हैं .लेकिम ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं.जिसकी मुख्य वजह स्ट्रीट वेंडर को योजनाओं की जानकारी का न होना है.
बहादुरगढ़ की सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों का कहना है कि इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है. न ही कोई अधिकारी उनके पास आया और न ही इस तरीके का कोई प्रचार किया गया.
लक्ष्य पूरा करने में विफल रहा विभाग
बहादुरगढ़ में 3263 लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. बहादुरगढ़ नगर परिषद के अधिकारियों को इस योजना का लक्ष्य पूरा करना चाहते है .अब तक 866 आवेदकों का सर्वे हो चुका है. जबकि 200 अन्य आवेदनों में तकनीकी खामियां दूर करवाई जा रही हैं. अधिकारियों के अनुसार 1 हफ्ते में सर्वे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ शहर में रेहड़ी पटरी लगाकर गुजारा करने वाले बहुत लोगों को इस योजना की जानकारी तक नहीं है.
एक सप्ताह में पूरा होगा सर्वे
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना के तहत नगर निकायों की ओर से चिन्हित स्ट्रीट वेंडर्स को पहली किस्त 10 हजार रुपए दिया जाता है .एक वर्ष के अंदर एक किस्त अदा करने के बाद 20 हजार रुपए और उसके बाद 30 फिर 50, डेढ़ लाख और फिर 2 लाख तक का ऋण दिया जा सकता है. पीएम स्वानिधि योजना के लाभार्थियों को आने वाली दिक्कतों को दूर करने और उन्हें अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सर्वे को एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा.ये योजना बेहद सराहनीय तो है मगर इसका प्रचार-प्रसार अगर जमीनी स्तर और सही लोगों सही ढंग से हो तो रेहड़ी पटरी लगाने वाले लोगों को इससे फायदा मिलेगा और काम धंधा करने के लिए स्ट्रीट वेंडर्स को बिना ब्याज के लोन भी मिल सकेगा.
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FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 18:59 IST








