Success Story: ट्रक ड्राइवर का बेटा पहले बना वैज्ञानिक अब कस्टम कलेक्टर, पिता ने सूद लेकर पढ़ाया

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मोहित शर्मा, करौली. ना पूछो मेरी मंजिल कहां है, अभी तो सफर का इरादा किया है, ना हारूंगा हौसला उम्र भर, यह वादा मैंने खुद से किया है. यह कड़ी बिल्कुल सटीक बैठती है राजस्थान के करौली के लाल बबलू मीणा के ऊपर. जिन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में अपने मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत से राजस्थान यूनिवर्सिटी से बीएससी करते हुए ना केवल भारतीय मौसम विभाग में वैज्ञानिक पद पर सफलता हासिल की. बल्कि पिछड़े गांव और ट्रक ड्राइवर का यह बेटा आज अपने इसी मजबूत इच्छा शक्ति के चलते छोटी सी उम्र में कस्टम कलेक्टर बन चुका है.

3 महीने पहले मौसम विभाग में वैज्ञानिक बनने वाला यह बेटा जैसे ही अभी हाल ही में कस्टम कलेक्टर बना तो बबलू के गरीब परिवार सहित उसके पिछड़े गांव में खुशी की लहर ऐसी दौड़ी है कि वह रुकने का नाम नहीं ले रही है.

कौन है बबलू मीणा
बबलू मीणा करौली जिले के एक छोटे से पिछड़े गांव बरूला के निवासी हैं. उनकी माता ग्रहणी तो पिता प्रहलाद मीणा ट्रक ड्राइवर है. जिन्होंने रात दिन एक कर के ना केवल बबलू की पढ़ाई में कोई कसर छोड़ी. बल्कि दो बेटियों की शादी कर अन्य बहन भाइयों को भी आज शिक्षा उपलब्ध करा रहे है. बबलू सहित उनके परिवार में अन्य पांच बहन भाई भी है.

बीएससी के साथ की थी एसएससी की तैयारी
बबलू के मुताबिक उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से बीएससी करते हुए एसएससी एग्जाम की तैयारी की थी. जिसके बाद जुलाई 2022 में बीएससी कंप्लीट होते ही एसएससी का कोर्स लेकर वह तन मन से एसएससी एग्जाम की तैयारी में जुट गए थे. बबलू ने बताया कि एसएससी की प्री एग्जाम दिसंबर में होने के बाद मेन एग्जाम मार्च में हुआ था. उसके बाद 14 मई को जब मेरा फाइनल रिजल्ट आया तो उसमें मुझे जीएसटी इस्पेक्टर कि पोस्ट मिली है.

पहले प्रयास में मुकाम किया हासिल
भारतीय मौसम विभाग में 17 फरवरी 2022 को सहायक वैज्ञानिक पद पर सफलता हासिल करने वाले बबलू बताते हैं कि जब मैं बीएससी कर रहा था तो उस समय एसएससी को केवल चार-पांच घंटे ही दे पाता था. लेकिन बीएससी पूरी होते ही केवल 10 से 12 घंटे मैंने एसएससी एग्जाम की तैयारी को दिए थे. जिसके बाद आज मेरा प्रथम प्रयास में ही कस्टम कलेक्टर पद पर चयन हो गया. उनका मानना है कि 3 महीनों के भीतर बड़ी सफलता पाने के बाद अब उनके गांव के लोगों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ जाएगी.

ट्रक ड्राइवर पिता की मेहनत लाई रंग
बबलू की सफलता पर उनके पिता ट्रक ड्राइवर प्रहलाद मीणा ने न्यूज़ 18 से बातचीत में बताया कि उन्होंने बबलू को दिन रात एक करके ट्रक चला-चला कर पढ़ाया था. इतना ही नहीं उन्होंने कई बार बबलू की पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं आए इसलिए गांव के कई लोगों से 4 रुपये सैकड़ा पर भी उधार पैसे लिए थे. लेकिन आज बेटे के अधिकारी बनने के बाद उनकी दिन रात की गई मेहनत-मजदूरी रंग ला चुकी है.

गांव से पहली बार बना बेटा अधिकारी
बबलू के पिता प्रहलाद मीणा ने बताया कि हमारे गांव से आज पहली बार कोई इतना बड़ा अधिकारी बना है. जिसके बाद हमारे परिवार सहित गांव की पूरी बस्ती में खुशी की लहर दौड़ चुकी है.

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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 15:31 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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