
धीरेंद्र शुक्ला/चित्रकूट: भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में आज ज्येष्ठ मास की अमावस्या बड़ी ही धूमधाम से मनाई जा रही है. श्रद्धालु मंदाकिनी में स्नान करने के बाद भगवान कामतानाथ की परिक्रमा लगा रहे हैं. इस बार की अमावस्या इसलिए खास हो रही है क्योंकि वट सावित्री का व्रत भी आज ही पड़ रहा है. इसलिए चित्रकूट में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा है. बता दें कि हिंदू धर्म में अमावस्या का काफी बड़ा महत्व माना जाता है.
मान्यता है कि चित्रकूट की मंदाकिनी नदी में स्नान करने के बाद यदि सूर्य देवता को जल दिया जाता है, तो आपके बिगड़े हुए काम बन जाते हैं. चित्रकूट के भरत मन्दिर के मंहत दिव्य जीवन दास बताते हैं कि अमावस्या में व्यक्ति चित्रकूट के मंदाकनी में स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देता है और उसके बाद पितरों का तर्पण होता है, इसलिए चित्रकूट में आज के दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है.
चित्रकूट में अमावस्या का महत्व क्यों है?
चित्रकूट धार्मिक स्थली होने के साथ-साथ भगवान राम की तपोस्थली के रूप भी जानी जाती है. चित्रकूट में साधु संत आज भी तपस्या में लीन हैं, इसीलिए चित्रकूट पावन धरती कहते हैं. इस चित्रकूट में जो भी सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर आता है, तो उसकी मुराद भी अवश्य पूरी होती है.
चित्रकूट प्रशासन मुस्तैद
डीएम चित्रकूट अभिषेक आनंद के मुताबिक, अमावस्या मेले को लेकर चित्रकूट प्रशासन लगातार चित्रकूट के रामघाट पर मॉनिटरिंग कर रहा है. साथ ही चौराहे पर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्याओं का सामना ना करना पड़े और चित्रकूट का ट्रैफिक डायवर्जन कर दिया गया है. चित्रकूट पुलिस लगातार चित्रकूट के धार्मिक स्थलों पर मौजूद है.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 12:44 IST








