Vat Savitri Vrat 2023: वट सावित्री अमावस्या पर बन रहे 3 दुर्लभ संयोग, शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें इसका महत्व

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


हाइलाइट्स

वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है.
बरगत के पेड़ में त्रिदेव जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है.

Vat Savitri Vrat 2023 Sanyog : सनातन धर्म के धार्मिक ग्रंथों में कई ऐसे व्रत त्योहारों का उल्लेख मिलता है जिन्हें करना सौभाग्य माना जाता है. इन्हीं में से एक है वट सावित्री व्रत. इस व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस बार वट सावित्री का व्रत 19 मई 2023 दिन शुक्रवार को रखा जा रहा है. इस व्रत में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए बरगद के वृक्ष की पूजा करती हैं. पूजा के दौरान बरगद के पेड़ में कच्चा सूत लपेटने की परंपरा भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रलय के अंत में भगवान कृष्ण भी वट वृक्ष के पत्ते पर प्रकट हुए थे. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं वट सावित्री अमावस्या पर वनने वाले 3 शुभ योग के बारे में.

वट सावित्री व्रत का शुभ मुहूर्त

वट सावित्री का व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को रखा जाता है. इस बार अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मई 2023 दिन गुरुवार को रात 09:42 पर शुरु होगी जो अगले दिन 19 मई 2023 की रात 09:22 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार वट सावित्री का व्रत 19 मई 2023 दिन शुक्रवार को रखा जाएगा.

यह भी पढ़ें – क्यों इतना शक्तिशाली था रावण? इस योग से हुआ प्रसिद्ध, ज्योतिषी से जानें दशानन की कुंडली

वट सावित्री व्रत शुभ संयोग

वट सावित्री का व्रत रखने वाले दिन में शोभन योग का निर्माण होने जा रहा है. ये योग 18 मई को शाम 7:37 से 19 मई को शाम 6:16 तक रहने वाला है. इसके अलावा इस दिन शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या भी पड़ रही है. इस वर्ष वट सावित्री व्रत पर ग्रहों की स्थिति बेहद खास होने वाली है. इस दिन शनिदेव अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान होंगे. जिससे शश योग का निर्माण होगा. ऐसे में इस दिन शनि देव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति की जा सकती है. इसके अलावा इस दिन चंद्रमा गुरु के साथ में इस राशि में होंगे, जिससे गजकेसरी योग का निर्माण भी होगा.

यह भी पढ़ें – 365 दिन बाद सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, 5 जातकों की खुल सकती है किस्मत, जानें 12 राशियों पर असर

वट सावित्री व्रत का महत्व

वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है. बरगत के पेड़ में त्रिदेव जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है. मान्यता के अनुसार इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए ये व्रत करती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन माता सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान को छीन कर ले आईं थी. कहते हैं इस व्रत को जो भी सुहागिन महिला करती है उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion, Vat Savitri Vrat

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें