दक्षिण संस्कृति को देखने जाएंगे MNIT के विद्यार्थी, जानिए युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य

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अमित सिंह/प्रयागराज : मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और केरल के आईआईटी पलक्कड़ के विद्यार्थी एक दूसरे की संस्कृति और रीति-रिवाजों के बारे में जान और समझ सकेंगे. इसके लिए एमएनआईटी के छात्र दक्षिण की ओर यात्रा करेंगे.बता दें कि पलक्कड़ के छात्र प्रयागराज में गंगा-यमुना और संगम के साथ वाराणसी के बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण करेंगे.

इसी प्रकार से एमएनआईटी प्रयागराज के छात्र केरल में श्री शंकर स्तूपम, कोडानाड हाथी प्रशिक्षण केंद्र सहित अन्य दर्शनीय स्थल का विचरण करेंगे. खास बात यह है कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत युवा संगम कार्यक्रम की ओर से दिया जा रहा है. इसमें एमएनआईटी प्रयागराज के 45 छात्र-छात्राओं का एक दल 27 मई से 8 जून तक आईआईटी पलक्कड़ केरल का दौरा करेगा. आईआईटी पलक्कड़ के 45 छात्र-छात्राओं व 4 शिक्षकों का दल 26 से 31 मई तक यहां आएगा.

भारत की संस्कृति को समझने का मिलेगा मौका
कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर रवि प्रकाश तिवारी ने बताया कि इस कार्यक्रम में युवाओं को भारत की संस्कृति और रीति-रिवाजों के बारे में बेहतरीन तरीके से जानने व समझने में मदद मिलेगी. विद्यार्थी परंपराओं संस्कृति पर्यटन और व्यंजन के क्षेत्र में एक निरंतरता को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश परंपरा, प्रौद्योगिकी ,उन्नति और अंतर सांस्कृतिक का आदान-प्रदान करना है. केरल के छात्र प्रयागराज के ऐतिहासिक स्थलों धार्मिक स्थलों और गंगा-जमुना-सरस्वती, मंदिर और आजाद पार्क घूमेंगे. इसी प्रकार प्रयागराज के विद्यार्थी दक्षिण के दर्शनीय स्थल का दौरा करेंगे और रीति-रिवाजों को समझने का प्रयास करेंगे.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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