
नई दिल्ली. अगले माह शुरू हो रही देश की पहली रीजनल ट्रेन यानी रैपिडएक्स में महिलाओं के लिए मेट्रो जैसी व्यवस्था नहीं होगी. इस संबंध में एनसीआरटीसी ने बड़ा फैसला लिया है,जो महिलाओं की सुरक्षा और आरामदायक यात्रा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. रैपिडएक्स का संचालन अगले माह शुरू होने जा रहा है. शुरू में प्राथमिक खंड यानी साहिबाबाद से गाजियाबाद के बीच ट्रेन का संचालन किया जाएगा. वर्ष 2025 में निजामुद्दीन, दिल्ली से मेरठ के तक रैपिडएक्स के संचालन की तैयारी है.
एनसीआरटीसी के अनुसाार रैपिडएक्स में प्रत्येक ट्रेन में एक कोच महिलाओ के लिए आरक्षित होगा, लेकिन यह गाड़ी की दिशा में सबसे आगे मेट्रो जैसा नहीं होगा. दिल्ली से मेरठ की ओर चलने वाली ट्रेन में आगे से दूसरा कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा. ट्रेन में प्रीमियम कोच के ठीक बाद वाला कोच महिला कोच होगा, जबकि मेरठ से दिल्ली की दिशा में कोच ट्रेन के आखिरी कोच से दूसरा होगा, यानी प्रीमियम कोच से ठीक पहले वाला महिलाकोच होगा. यात्रियों को महिला कोच के संबंध में पता होना चाहिए, जिससे ट्रेन के संचालन के बाद उनमें किसी तरह का भ्रम न हो.
महिला कोच की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्टेशन के प्लेटफार्म पर और ट्रेन के दरवाजों के खुलने के स्थान पर संकेतक लगाए गए हैं. इस आरक्षित महिला कोच में 72 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. इसके साथ ही, ट्रेन के अन्य डिब्बों में भी महिलाओं के लिए 10 अतिरिक्त सीटें आरक्षित की गयी हैं.








