
भोपाल. आज भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में लाडली बहना योजना की बजट राशि मंजूर कर दी गई है. यह 10 जून को महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी. इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है. इसमें एससी एसटी वर्ग के छात्रों की स्कॉलरशिप की आय सीमा समेत रेत खनन नीति में संशोधन को मंजूरी मिली है.
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट की ब्रीफिंग में बताया कि लाडली बहना योजना के लिए बजट को मंजूरी मिल गई है. एक करोड़ 33 लाख 25 हजार से ज्यादा बहनों के लिए बजट को स्वीकृति मिल गई. इसके तहत 1250 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. यह आगामी 10 जून को महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की जाएगी. इसी के साथ प्रदेश में उर्वरक के अग्रिम भंडारण की व्यवस्था के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को राज्य की नोडल एजेंसी घोषित किया है. केंद्र सरकार की योजना वात्सल्य को कैबिनेट की सहमति मिली है.
सरकारी मंदिर की 10 एकड़ तक जमीन का उपयोग खुद कर सकेंगे पुजारी
कैबिनेट की बैठक में एससी एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आय की सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए की गई है. अभी तक 6 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति दी जा रही थी. कैबिनेट की बैठक में एक और बड़ा फैसला हुआ है. इसके तहत सरकारी मंदिर जिनके पास 10 एकड़ तक खेती की जमीन है, उससे होने वाली आय का उपयोग पुजारी खुद कर सकेंगे. बाकी जमीन की जानकारी कलेक्टर को देखकर नीलाम कर सकेंगे. इसकी आय मंदिर के खाते में जमा की जाएगी. पंचायतों में लैंड ट्रांसफर का कोई टैक्स नहीं लगेगा. यदि ऐसा कोई आदेश हुआ है तो इस आदेश को वापस लिया जाएगा.
रेत खनन नीति में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में रेत खनन नीति में आंशिक संशोधन किया गया है. ई-टेंडर और सह नीलामी का प्रावधान किया गया है. एग्रीमेंट की तारीख से 3 साल बाद खदान का ठेका खत्म होगा, तो इसमें 2 साल का विस्तार भी कर सकेंगे. ठेके का संकट ना रहे इसी को लेकर तीन-चार महीनों में बांटने का संशोधन किया गया है. विज्ञापन और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत भारत नेट परियोजना के अंतर्गत सहकारिता विभाग के 4534 पैक्स मुख्यालयों पर ऑप्टिकल फाइबर आधारित इंटरनेट उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है. इसके लिए राज्य और केंद्र का अंश मिलाकर 145 करोड़ की सहमति दी गई है.
कल बुलाई जाएगी विशेष बैठक
गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पंचायतों में लैंड ट्रांसफर टैक्स नहीं लिया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी भ्रम की स्थिति ना रहे. भोपाल के आसपास की पंचायत में जमीनों के हस्तांतरण पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा. यदि कोई आदेश निकाला भी है तो उसे वापस लिया जाएगा.








