कौशाम्बी में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने निजी अस्पताल में कथित इलाज में लापरवाही को लेकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान यूनियन के तहसील प्रभारी सुधीर दुबे के भाई के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। इस मामले में निजी अस्पताल भरवारी के डॉक्टर ओपी गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
किसान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से शिकायत किए हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर किसान यूनियन के अध्यक्ष चंदू तिवारी की अगुवाई में किसान सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों ने साफ कहा कि जब तक मामले में कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।

धरने के दौरान किसानों ने कार्यालय परिसर में ही भोजन बनाया और दोपहर का खाना खाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में झोलाछाप लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। किसानों ने संबंधित निजी अस्पताल को सीज करने और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं, सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। सीएमओ ने धरना दे रहे किसानों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद किसान कार्यालय से निकल गए। किसानों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।








