कौशांबी। सिराथू क्षेत्र में कथित जमीन घोटाले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन घोटाला हो रहा है और इसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनकी सरकार में बैठे लोगों से नजदीकियां हैं। उन्होंने भाजपा सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जमीन घोटाले का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उनका आरोप है कि एंटी भू-माफिया अभियान, पुलिस प्रशासन और तहसील स्तर पर कार्रवाई में पक्षपात किया जा रहा है। उनके मुताबिक, कार्रवाई का लाभ एक विशेष राजनीतिक दल से जुड़े लोगों को मिल रहा है, जबकि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हितों की अनदेखी हो रही है।
सपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी इसी वजह से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की आवाज उठा रही है। उन्होंने सिराथू का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर भी निशाना साधा और कहा कि उनके गृह क्षेत्र में इस तरह के आरोपों पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराती है, तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के साथ-साथ मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि जनता मौजूदा सरकार से ऊब चुकी है और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। हालांकि, जमीन घोटाले से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।








