इलाहाबाद हाईकोर्ट का पंचायत चुनाव पर बड़ा आदेश, 3 महीने में चुनाव कराने के निर्देश

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

 

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने का निर्देश दिया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबंधी 25 मई 2026 के शासनादेश को वैध ठहराते हुए उसे चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अगले तीन महीने तक निवर्तमान प्रधान प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे, लेकिन इस बीच राज्य सरकार को पंचायत चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।

राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि हाईकोर्ट ने 25 मई 2026 के शासनादेश के साथ-साथ संबंधित अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कानून में प्रावधान है कि समय पर पंचायत चुनाव नहीं हो पाने की स्थिति में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं। सरकार ने इसी प्रावधान के तहत निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया था।

हाईकोर्ट ने ओबीसी कमीशन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। कमीशन अपना काम जारी रखेगा और उसके कामकाज में कोई बाधा नहीं आएगी। हालांकि, पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया कमीशन के काम पर निर्भर नहीं करेगी। चुनाव मौजूदा कानूनी और प्रशासनिक ढांचे के तहत ही कराए जाएंगे। पंचायत चुनाव में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को भी लागू किए जाने की बात कही गई है।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल निवर्तमान प्रधान प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे, लेकिन राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को निर्धारित समयसीमा में चुनाव संपन्न कराने की दिशा में कदम उठाने होंगे।

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें