मूरतगंज CHC में अजीबोगरीब मामला, डॉक्टर की जगह RBSK ड्राइवर ने लगाया मरीज को इंजेक्शन!

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कौशांबी:

कौशांबी। मूरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मरीजों के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में RBSK के ड्राइवर अनूप सिंह मरीज को इंजेक्शन लगाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि CHC मूरतगंज में मरीज इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचते हैं। सामान्य तौर पर मरीजों को इंजेक्शन लगाने का काम प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ की निगरानी में होना चाहिए, लेकिन वायरल वीडियो में एक ड्राइवर द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
डॉक्टरों की मौजूदगी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस समय मरीज को इंजेक्शन लगाया जा रहा था, उस समय अस्पताल में जिम्मेदार चिकित्सक या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी कहां थे? अगर डॉक्टर अस्पताल में मौजूद थे तो मरीज को इंजेक्शन लगाने की जिम्मेदारी ड्राइवर तक कैसे पहुंच गई और यदि डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो मरीजों के इलाज की व्यवस्था किसके भरोसे चल रही थी?
स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीज अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में किसी गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाया जाना, यदि वीडियो में किया गया दावा सही पाया जाता है, तो बेहद गंभीर मामला माना जा सकता है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई बेचैनी
वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोग स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि मरीज को इंजेक्शन किस परिस्थिति में लगाया गया था। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि संबंधित कर्मचारी को मरीज को इंजेक्शन लगाने की अनुमति किसने दी।
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी भी तय किए जाने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो कब का है, मरीज की स्थिति क्या थी और उस समय अस्पताल में कौन-कौन से चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करता है। क्या संबंधित कर्मचारी से पूछताछ होगी? अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी? और क्या मरीजों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी?
फिलहाल मूरतगंज CHC का यह वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभाग मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाएगा और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

 

Up Head Line
Author: Up Head Line

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