हाईकोर्ट में विचाराधीन सरकारी चकमार्ग पर अवैध निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

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कौशांबी— जनपद के महेवाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत हिनौता गांव में सरकारी चकमार्ग (सरकारी रास्ता) पर कथित अवैध निर्माण कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले को लेकर गांव निवासी संतोष कुमार मिश्रा सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार हिनौता गांव में स्थित लगभग 40 फीट चौड़े सरकारी चकमार्ग पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह चकमार्ग गांव के लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है, लेकिन उस पर निर्माण होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विवादित भूमि का मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मामले से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित संतोष कुमार मिश्रा ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस की शह पर सरकारी चकमार्ग पर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो सरकारी चकमार्ग पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे गांव के लोगों का आवागमन बाधित होगा और भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा न्यायालय में विचाराधीन मामले का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस संबंध में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिलाधिकारी द्वारा शिकायत की जांच कराए जाने के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों के आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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