भू-संपत्ति विभाग ने एक्शन प्लान के तहत पाकिस्तान मे रह रहे लोगो के नाम दर्ज जमीनो का सर्वे शुरू हो चुका

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कौशांबी

शत्रु संपत्ति की जमीन पर अवैध कब्जे की प्रभावी कार्यवाही की रूप रेखा तैयार की जा रही है। भारत सरकार के भू-संपत्ति विभाग ने एक्शन प्लान के तहत पाकिस्तान मे रह रहे लोगो के नाम दर्ज जमीनो का सर्वे शुरू हो चुका है। नई दिल्ली से आई 2 सदस्य वाली टीम ने नगर पालिका मंझनपुर मे जमीन का स्थलीय निरीक्षण दस्तावेजों के आधार पर किया। सर्वे मे शामिल सदस्य ने एक सप्ताह मे जमीन के सर्वे का काम पूरा कर स्थिति-परिस्थिति की विस्तृत रिपोर्ट देने की बात कही है।

शुक्रवार की सुबह से मंझनपुर तहसील के राजस्व कर्मी व केंद्र सरकार की भू-संपत्ति विभाग के आए सर्वेयर नगर पालिका क्षेत्र की उन जमीनों का पता लगाने मे जुटे है। जो सरकार के दस्तावेजों मे पाकिस्तान मे जाकर बस चुके लोगों के काम आज भी दर्ज है। सर्वे के अफसर ने अपनी पहचान न उजागर करने की बात का वादा लेकर बताया, वह नई दिल्ली के भू संपत्ति विभाग के निर्देश पर जनपद के राजस्व अभिलेख मे शत्रु संपत्ति के नाम दर्ज जमीन का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति-परिस्थिति का खाका तैयार कर रहे है। सर्वे मे वह शत्रु संपत्ति की हालत कीमत एवं अभिलेखीय साक्ष्य एकत्रित कर रहे है। जनपद स्तर पर सर्वे का काम पूरा कर एक सप्ताह मे उन्हे रिपोर्ट अपने विभाग के जरिये केंद्र सरकार को देनी है।

मंझनपुर तहसील के राजस्व कर्मी रियाज अहमद ने बताया, वह सर्वे टीम के साथ नगर पालिका के मोइनपुर, मंझनपुर मुख्यालय, पाता, व भेलखा गाँव की शत्रु संपत्ति का स्थलीय निरीक्षण एवं सीमांकन कर चुके है। राजस्व के अभिलेखों में दर्ज शत्रु संपत्ति छोटे छोटे रकबे मे अलग अलग स्थानों पर मौजूद है। कई जमीनों पर स्थानीय लोगों ने लीज पर लेकर भवन निर्माण करा लिया है। सर्वे टीम ने आवासित भूखंड सहित खाली पड़े भूखंड की तस्वीर एवं अभिलेखीय साक्ष्य एकत्रित किया है।

शिकायत कर्ता अली रज़ा ने बताया, राजस्व कर्मी के एक टीम ने उनसे संपर्क कर कस्टोडियल लैंड के बारे मे जानकारी मांगी। जिस पर उन्होने टीम के साथ मोइनपुर, मंझनपुर, पाता एवं भेलखा गाव की जमीन का सर्वे कराया है। इन स्थानो पर करीब 50 बीघे से अधिक की जमीन है। जिनकी मौजूदा समय मे बाज़ार मे कीमत 2 से 3 लाख रुपये फुट की कीमत से आँकी जाती है।
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क्या होती कर शत्रु संपत्ति
सरकार के राजस्व अभिलेख मे दर्ज शत्रु संपत्ति उन भूखंड को कहा जाता है। जिन जमीनो के मालिकान देश के बटवारे के समय भारत को छोड़ कर पाकिस्तान मे जाकर बस गए। ऐसे लोगो की जमीन आज भी देश के कोने कोने मे मौजूद है। राजस्व विभाग इन भूखंडो को शत्रु संपत्ति (कस्टोडियन लैड) के रूप मे सरकारी भूमि मान कर उसकी रखवाली कर रहा है। जानकार बताते है कि शत्रु संपत्ति की यह जमीने पिछले कई दशको से भूमाफिया के हाथ नैवियत (भू-खंड का आकार प्रकार बदलना) बदल कर खरीदी बेची जा रही है। मौजूदा समय मे अकेले मंझनपुर नगर पालिका मे अलग अलग भूखंड की कीमत अरबों रुपये आँकी जाती है।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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