कड़ा ब्लॉक में निविदा प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप,जांच की मांग ठेकेदार ने जिम्मेदारों पर लगाया गंभीर आरोप

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कौशाम्बी

कागजी औपचारिकता में सिमटा क्षेत्र पंचायत का विकास कार्य

निविदा प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप,जांच की मांग ठेकेदार ने जिम्मेदारों पर लगाया गंभीर आरोप

आईजीआरएस में किया शिकायत।

जिला प्रशासन को पत्र लिखकर क्षेत्र पंचायत में हो रही मनमानी पर कड़ा ऐतराज जताया है।

अनियमितता का आरोप, जांच की मांग ठेकेदार ने जिम्मेदारों पर लगाया गंभीर आरोप, आईजीआरएस प्रदीप चौधरी ने की शिकायत

कौशाम्बी

क्षेत्र पंचायत कड़ा में विकास कार्यों को लेकर घमासान मचा हुआ है। एक ओर जहां करोड़ो रूपए कार्यों को लेकर निविदा में अनियमितता का आरोप लग रहा है। तो वही क्षेत्र के कुछ लोग विकास कार्यों की रकम का बन्दरबाट किए जाने का आरोप लगा रहें है। इस सिलसिले में ठेकेदार ने बकायदा आईजीआरएस में अनियमितता की शिकायत कर उच्चस्तरीय जांच करायें जाने की मांग किया है। यही नही इस

क्षेत्र पंचायत कड़ा में पिछले कई दिनों से घमासान मचा हुआ है। क्षेत्र के कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्य शराबा के जरीए आवाज बुलंद किए हुए है तो वही दूसरी ओर ठेकेदार कुमार ने सीधे तौर से जिम्मेदारों पर करोड़ो रूपए के विकास कार्यों में हुई निविदा प्रक्रिया में सवाल खड़ा कर दिया है। इसके लिए उन्होने बकायदा आईजीआरएस में शिकायत भी दर्ज करा दी है। शिकायती पत्र के हवाले से उन्होने बताया कि अलग अलग पत्रांक के जरीयें 24 सितम्बर के अंक में निविदा का प्रकाशन कराया गया, जो कि महज एक समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ इसके लिए 22 सितम्बर से 04 अक्टूबर तक निविदा बिक्री की तारीख तय की गई। जबकि 07 अक्टूबर को टेण्डर बाक्स में निविदा डाली गई, और 11 अक्टूबर को निविदा खोली गई। इसके लिए निविदा शुल्क डीडी के जरीए लिया गया।

प्रदीप कुमार के मुताबिक जिन दोनो पत्रांकों के जरीए निविदाए खोली गई उन्हें बगैर किसी कारण के आनन फानन में निरस्त कर दी गई। इस बावत जिम्मेदारों ने कोई भी सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित नहीं की। पुनः दो अलग-अलग पत्रांक के जरीए 22 दिसम्बर के अंक में एक ही समाचार पत्र पर 22 व 30 कार्यो की निविदा प्रकाशित की गई। इसके लिए जिम्मेदारों ने बिक्री की तारीख अगले दिन 23 दिसम्बर मुकर्रर कर दी। चौथा शनिवार होने के नाते बैंकों में बन्दी रही। इस मर्तबा जिम्मेदारों ने तनिक भी समय नही दिया। जबकि नियमतः निविदा बिक्री के लिए सात दिन का समय निश्चित है। इस दफा जिम्मेदारों ने निविदा शुल्क डीडी के साथ-साथ खाते में भी जमा करने का विकल्प दिया। जिम्मेदार एक ओर शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने का दावा करते है वहीं दूसरी ओर शासन की मंशा को दरकिनार की नियम कानून के इतर करोड़ो रूपए के विकास कार्यो

को कागजी तौर से औपचारिकता में निपटाने में आमादा है।

ठेकेदार प्रदीप कुमार ने दावा किया है कि पूरे मामले की यदि उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आएगें। उन्होने बाकायदा आईजीआरएस के साथ-साथ जिला प्रशासन के हुक्मरानों से शिकायत कर जांच करायें जाने की मांग किया है। साथ ही साथ दोषी लोगो के खिलाफ कार्यवाही की भी मांग उठाई है। इस सिलसिले में जब खण्ड विकास अधिकारी विजय शंकर तिवारी से बिन्दुवार वार्ता की गई तो उन्होने अप शासन की मंशा का हवाला देते हुए स्थि साफ कहा कि क्षेत्र में सभी विकास कार्य शासन के मंशा के अनुरूप करायें जायेगें इसके लिए चाक चौबन्द क्ल व्यवस्था की गई है उन्होने ठेकेदार प्रदीप कुमार की शिकायत को गंभीरता सां से लेते हुए कहा कि बिन्दुवार उनकी शिकायत पर बारीकी से जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ी तो दोबारा जारी निविदा को भी निरस्त कर दिया जायेगा।

टेण्डर होने से पहले ही कई जगहों पर ठेकेदार द्वारा लगवा दिया गया काम। कही 50% काम हुआ है तो कही 80% काम हो गया है। बिना टेण्डर खुले ही ठेकेदार ने काम शुरू करवा दिया। 3 जनवरी को टेंडर खुलना है और काम दिसंबर में ही शुरू करवा दिया गया। आखिर किसके शह पर काम करवाया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप हो रहा है काम।

 

कड़ा ब्लॉक में आज निविदा ली गई थी

कड़ा बीडीओ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज निविदा डाली गई है और तीन जनवरी को टेण्डर खोला जाएगा। जिन मामलों में शिकायत मिली है उन निविदा को कैंसिल किया जाएगा। और उन पर कार्यवाही भी की जाएगी।बीडीओ ने बताया है कि हमने 10 सदस्यी टीम बना दिया है 1 जनवरी को रिपोर्ट मिल जाएगी अगर कहीं भी गलत तरीके से कार्य किया गया है तो उन टेण्डरो को निरस्त किया जाएगा।

वही कड़ा ब्लॉक में तैनात बाबू से पूछने पर बाबू ने बताया कि निविदा आज डाली गई है डब्बा को सील कर दिया गया है 3 जनवरी को डब्बा खोला जाएगा और जो भी टेंडर है उसी दिन जानकारी हो पाएगी कि कितने टेंडर पड़े थे वही ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया आज नहीं की गई है। पहले से ही सब तैयारी कर ली गई थी और अगर टेंडर पड़ा है तो सीसीटीवी की निगरानी में रहा होगा। लेकिन जो भी निविदा आज डाली गई है वह गलत तरीके से डाली गई है उसकी जांच हो और जो भी दोषी कर्मचारी/अधिकारी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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