देवरिया
यूपी के देवरिया जिले रुद्रपुर थाना क्षेत्र में 2 अक्टूबर को फतेहपुर गांव के लेहरा टोला में जमीन विवाद को लेकर 6 लोगो की निर्मम हत्या हो गई। जहां एक पक्ष से पूर्व प्रधान प्रेमचंद यादव की हत्या हो गई। इसी हत्या के प्रतिकार में दूसरे पक्ष से सत्यप्रकाश दुबे के परिवार समेत पांच लोगों की धारेधार हथियार व गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना में सत्यप्रकाश दुबे का बेटा अनमोल दुबे भी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका इलाज गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इसको देखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मेडिकल कॉलेज में गए हुए थे वहां जाकर उन्होंने बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। वही हत्याकांड को पुलिस ने 27 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इस घटना में कारित 20 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन घटना को अंजाम देने वाली आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। क्योंकि जिस आरोपी ने मृतक सत्यप्रकाश दुबे, समेत परिवार को राइफल से गोली मारकर हत्या की थी उसका नाम नवनाथ मिश्रा पुत्र अमरनाथ मिश्रा था। जो फतेहपुर गांव का ही रहने वाला है। वही आज पुलिस ने उस घटना को अंजाम देने वाले हत्यारे नवनाथ मिश्रा को फतेहपुर टोला अभयपुर को रूद्रपुर स्थित मनौली तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। जो मृतक पूर्व प्रधान प्रेमचन्द्र यादव के साथ रहता था। और उसका ड्राइवर था। वही पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछ-ताछ के क्रम में कहा गया कि दिनांक 02 अक्टूबर को घटना स्थल पर मौजूद रहकर प्रेमचन्द्र यादव की राइफल से सत्यप्रकाश दुबे व उसके परिवार के ऊपर 03 राउन्ड फायर कही जाने की बात स्वीकार की गई है। इस फायर से सत्यप्रकाश दुबे के परिवार की मौत हो गई। वही पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपी नवनाथ मिश्रा की निशानदेही पर उसके घर के पास झाडियों में छिपाकर रखी गयी आलाकत्ल राइफल को बरामद करते हुए कब्जे में लेकर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है।
इस हत्याकांड घटना के संबंध में एसपी देवरिया संकल्प शर्मा ने बताया कि 2 अक्टूबर के दिन जो घटना घटी थी उसके संबंध में सत्य प्रकाश दुबे के परिवार जनों के तरफ से मुकदमा लिखा गया था। हम लोगो ने सुसंगत धारो में मुकदमा पंजीकृत किया था। इस घटना में 20 अभियुक्तों की गिरफ्तारी पहले ही कर चुके थे। इस घटना का मुख्य अभियुक्त जिसका नाम नवनाथ मिश्रा है। और दूसरे पक्ष के जो मृतक है प्रेमचंद उनके साथ मे रहता था और उनका ड्राइवर के साथ अन्य कार्य भी करता था। इसने बयान के द्वारा यह स्वीकार किया है कि घटना के दौरान यह मौके पर मौजूद था। और जो तीन राउंड राइफल से जो फायर किया था इन्होंने ही किया था। इनकी निशानदेही पर जो आलाकत्ल राइफल को उसको भी बरामद कर लिया गया है। जो दूसरे पक्ष के मृतक प्रेमचंद यादव है उनके नाम पर यह लाइसेंसी राइफल थी। इसमें जो गैंगस्टर एनएससी की कार्यवाही है वह भी हम करेंगे।








