कौशाम्बी
संरक्षित गौवंशो की दुर्दशा देख आग बबूला हुए बजरंगी। आरोप इलाज के आभाव में आए दिन तडप तडप कर मर रहे गौवंश, सीवीओ ने चिकित्सक पर की कार्यवाई
कौशंाबी। गौ संरक्षण केन्द्र पथराकलां में बीमार होकर तिल तिल कर मर रहे गौवंशो की दुर्दशा को देख भडके विहिप और बजरंगदल कार्यकर्ताओ ने जमकर हंगामा काटा। पशु चिकित्सा विभाग को आडे हाथो लेते हुए कार्यकर्ताओ ने आरोप लगाए कि डाक्टर की लापरवाही से गौवंशो की दुर्दशा की शिकार हो रहे है। जिससे आए दिन पशु मर रहे है। मौके पर पहुंचे सीवीओ ने मौके की नजाकत भांप नियुक्त रहे चिकित्सक को हटाकर दूसरे की नियुक्ति कर मामला शांत कराया।
गौसंरक्षण केन्द्र पथराकलां गांव के ग्रामीणों की सूचना पर बुधवार को पहुंचे विहिप कार्यकर्ता वहां स्थित देख आग बबूला हो गए। दर्जनों मरणासन्न गौवंश और पसरी गंदगी को देख नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के आदेश निर्देश को विभागीय कर्मियों ने हासिए पर रख दिया है। जिसका परिणाम है कि लाखों खर्च के बावजूद गौसंरक्षण केन्द्र के दर्जनों पशु तिल तिलकर मर रहे है। पशुओ के जीर्ण सीर्ण अवस्था में भूसा चारे का आभाव बताकर गौवंश के केयर टेकर, प्रधान व ग्राम सचिव को बीमार पशुआंे की स्थित के लिए जिम्मेदार चिकित्सक डा कमलेश सिंह का दोषी बताते हुए सीवीओ से तत्काल हटाए जाने की मांग की। जिला गौरक्षा प्रमुख कौशांबी रूपेन्द्र शर्मा की अगुवाई में पहुचे कार्यकर्ता आशीष कुशवाहा, जगदीश केसरवानी, रामसरन, रामचन्द्र शुक्ल व गनेश वर्मा सहित दर्जनों लोगों की मांग पर कार्यवाई करते हुए मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 एके सागर ने कार्यवाई करते हुए अब तक पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था देख रहे चिकित्सका डा0 कमलेश का हटा दिया तथा उनके स्थान पर पैरावेट श्रीनाथ व दूसरे चिकित्सक की नियुक्ति कर बिगडते हालात को सभाला, तब जाकर मामला शांत हो सका।





