
पीयूष शर्मा/मुरादाबाद. सैकड़ों की संख्या में किसान सोमवार को एमडीए कार्यालय पर पहुंचे, जहां पर उन्होंने धरना प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को प्रेषित किया है. ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जिन किसानों की जमीन को एमडीए ने अधिग्रहण कर लिया है. उस जमीन को वे नहीं देंगे, क्योंकि वह उसी जमीन से अपना पालन पोषण कर रहे हैं.
कहा कि जब जमीन एमडीए ले लेगा तो उनकी रोजी-रोटी में खलल पड़ जाएगी और उनका जीवन यापन करने में भी तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. बता दें कि एमडीए की ओर से डिडोरी, डिडोरा, चौधरपुर, खदाना, रसूलपुर, सहित लगभग 11 राजस्व ग्रामों की करीब 1250 हेक्टेयर भूमि को नई टाउनशिप के लिए चयनित की गई है. लेकिन किसान एमडीए की इस योजना से संतुष्ट नहीं हैं.
ज़मीन देने से साफ इंकार कर रहे किसान
वहीं इस संबंध में एमडीए ऑफिस पर धरना प्रदर्शन कर रहे डिडोरी के पूर्व प्रधान वेद प्रकाश किसान नेता नो सिंह ढिल्लो, डॉ. कमल सिंह अभिषेक शर्मा सहित आदि लोगों ने बताया कि एमडीए हमारी ज़मीन ले रहा है. हम एमडीए के इस कार्य से संतुष्ट नहीं हैं. हम छोटे किसान हैं. किसी पर दो बीघा जमीन है तो किसी पर 3 बीघा. उसी जमीन से हम खेती करके जीवन यापन करते हैं. जब एमडीए इस जमीन को ले लेगा तो हम बच्चों का कैसे पालन पोषण करेंगे. साथ ही कुछ किसानों का यह भी कहना है कि हमने अपने खेत में ही घर बना रखा है, जब एमडीए हमारे खेत ले लेगा तो हम कहां जाएंगे.
एमडीए को देने ही पड़ेगी जमीन
एमडीए के सचिव राजीव पांडे ने बताया कि हमारा पहले से ही यह कार्यक्रम है कि हम किसानों की सहमति के आधार पर ही जमीन लेंगे. कोई भी जमीन अधिग्रहण के तहत नहीं ली जाएगी. साथ ही यह भी कहा कि जो किसान जमीन नहीं दे रहे हैं, उन्हें विकास योजना के अंतर्गत जमीन तो देनी ही होगी. यह सरकार की विकास योजना है. इससे किसानों का भी विकास होगा. जब विकास हो जाएगा तो लोगों को इससे बहुत फायदा होगा.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 19:36 IST





