
ईशा बिरोरिया/ऋषिकेश: उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश अपने मंदिरों,घाटों,सुंदरता और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए काफी मशहूर है. यहां पर कई सारे सिद्ध पीठ मंदिर स्थापित है. साथ ही कई ऋषि-मुनियों ने यहां घोर तप किया हैं. ऋषिकेश के प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिरों में से एक है जोंक गांव में स्थित मां काली का मंदिर, जहां मां काली अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं.
ऋषिकेश के जोंक गांव में स्थित मां काली का मंदिर काफी प्राचीन और अद्भुत है. न्यूज 18 के साथ हुई बातचीत के दौरान इस मंदिर के एक पुजारी अरुण दास बताते हैं कि- यह काफी मान्यता प्राप्त मंदिर है, यहां मां काली सभी भक्तों की दिल से मांगी मुरादों को पूरा करती हैं. इस मंदिर में पहले मां काली की एक छोटी मूर्ति हुआ करती थी,फिर बाद में जब इस मंदिर का जीवन उद्धार हुआ तो मां की बड़ी मूर्ति की स्थापना की गई.
मंदिर का किया गया पुनः निर्माण
अरुण बताते हैं कि- इस मंदिर से जोंक गांव व आस-पास के सभी गांव वासियों की आस्था जुड़ी हुई हैं. 2013 में आई प्राकृतिक आपदा के कारण इस मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसमें सालों से स्थापित मां काली की मूर्ति भी बह गई. जिसके बाद गांव वासियों और अन्य लोगों के सहयोग से इस मंदिर का जीवन उद्धार हुआ है. वह बताते है कि- इस मंदिर का जीवन उद्धार बीजेपी की विधान सभा अध्यक्ष श्रीमती रितू खण्डूरी द्वारा करवाया गया. वहीं इस मंदिर की सीढ़ियों का निर्माण यमकेश्वर की विधायक रेनू बिष्ट द्वारा करवाया गया. साथ ही गांव वासियों की सहायता से भी इस मंदिर का पुनः निर्माण किया गया.
मंदिर में माता के दर्शन का समय
अगर आप ऋषिकेश घूमने आए हैं या आने की सोच रहें हैं तो ऋषिकेश के जोंक गांव में स्थित मां काली मंदिर के दर्शन जरूर करें. इस मंदिर में सच्चे दिल से मांगी गई मुरादें जरूर पूर्ण होती हैं. साथ ही यहां आपको शांति व सुकून का अनुभव होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें इस मंदिर के पट प्रातः काल 6 बजे भक्तगणों के लिए खोल दिए जाते हैं. वहीं रात में 9 बजे मंदिर का कपाट बंद कर दिया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 17:38 IST





