
नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस हिपकिंस इस वक्त चीन के दौरे पर हैं. रविवार को वो न्यूजीलैंड की वायुसेना के दो विमान लेकर चीन पहुंचे. उनका यह दौरा बिजनेस को बढ़ावा देने के मकसद से था लेकिन यात्रा के दौरान दो विमान की थ्योरी के चलते वो दुनिया भर में हंसी के पात्र बन गए हैं. दरअसल, अमूमन किसी देश का अध्यक्ष जब दूसरे देश की यात्रा करता है तो वो एयरफोर्स या फिर देश की सरकारी एयरलाइंस के विमान में यात्रा करता है. बताया जा रहा है कि क्रिस हिपकिंस ने दूसरे विमान का इस्तेमाल बैकअप के रूप में किया है.
न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस हिपकिंस एयरफोर्स के बोइंग-757 में सवार थे. एयरफोर्स का दूसरा विमान भी बोइंग-757 ही था. इस विमान में बिजनेसमैन और अन्य डेलिगेशन को बैठाया गया. यात्रा का मकसद न्यूजीलैंड के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना था. अब सवाल यह उठता है कि पीएम सहित डेलिगेशन के सभी सदस्य एक साथ भी तो यात्रा कर सकते थे. ऐसे में एयरफोर्स के दो विमानों की जरूरत क्या थी. इसका जवाब न्यूजीलैंड के पीएम दफ्तर की तरफ से दिया गया.
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पुराने विमानों पर पीएम को नहीं भरोसा
वेलिंगटन स्थित न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से यह बताया गया कि बैकअप के तौर पर दूसरे प्लेन को रखा गया. तकनीकी खराबी होने की स्थिति में दूसरे प्लेन का इस्तेमाल करने की योजना थी. कहा गया कि न्यूजीलैंड और चीन के बीच काफी ज्यादा दूसरी होने के कारण यह निर्णय लिया गया.
न्यूजीलैंड सरकार के प्रवक्ता ने कहा, ‘बैकअप एयरक्रॉफ्ट का इस्तेमाल सही है ताकि अपने सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर के साथ मिशन को कामयाब बनाया जा सके. एयरफोर्स से 757 विमान करीब 30 साल पुराने हैं. वो अपनी आयु खत्म करने के काफी करीब हैं. 2028 से 2030 के बीच उनका रिप्लेसमेंट लेकर आने का प्लान है.’
न्यूजीलैंड सरकार की दो विमान भेजने की थ्योरी पर वहां के विपक्षी दल के नेता ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘यदि हमें मौसम के चलते आपातकाल का सामना करना पड़ता तो 30 साल पुराने दूसरे बोइंग-757 को एक के पीछे रखना कोई मायने नहीं रखता है.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 17:16 IST





