01

चमोली/रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता है. यहां पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग समेत कई मंदिर स्थित हैं, जो कि अपनी अलग अलग पौराणिक और विशेष मान्यताएं रखते हैं. इस रिपोर्ट में हम आपको उत्तराखंड के दो जिलों चमोली और रुद्रप्रयाग में स्थित पंच केदार के बारे में बताएंगे जहां श्रद्धालु प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पहुंचते हैं. अगर आप भी देवभूमि आने का मन बना रहे हैं, तो भोलेनाथ के इन पांच केदारों के दर्शन जरूर करें. पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि जब पांडवों को कुल हत्या का दोष लग गया था, तो उसके बाद वह भगवान शिव को ढूंढते हुए देवभूमि में प्रवेश हुए थे. इस दौरान भगवान शिव उनसे नहीं मिलना चाहते थे, इसलिए वह पांडवों से भागते हुए विभिन्न स्थानों पर गए. दरअसल वह जिन जिन स्थानों पर वह गए उन्हें पंच केदार के रूप में पूजे जाने की परंपरा है.





