
नरेश पारीक/चूरू. बकरीद का पर्व इस बार 29 जून को मनाया जाएगा. पर्व को लेकर शहर के मुस्लिम परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में त्योहार को लेकर रौनक भी बढ़ गई है. जिला मुख्यालय सहित बड़े कस्बों में शाम को भीड़ नजर आने लगी है.
बकरीद पर कुर्बानी होती है, इसलिए कई जगह बकरा मंडी भी सजी है. इन मंडियों में लोग त्योहार को लेकर बकरे खरीदने पहुंच रहे हैं. वैसे तो सामान्य बकरों की कीमत 5 हजार रुपये से शुरू होती है. लेकिन, कई बकरे ऐसे हैं जिनकी बोली लाखों रुपए तक पहुंच गई है.
गर्दन पर अल्लाह व पेट पर मोहम्मद की है आकृति
बकरीद पर इन दिनों बकरा मंडियों में चहल-पहल है. यहां बकरा खरीदने वाले और बेचने वाले इस बार अलग-अलग नस्ल के बकरों को मंडी में लेकर आए हैं. लेकिन शहर में एक शख्स के पास ऐसा बकरा है जो लोगो के बीच अब आकर्षण का केंद्र है. बकरा मालिक का दावा है कि इस बकरे की बोली साढ़े तीन लाख रुपये लग चुकी है. लेकिन बावजूद इसके वह उसे बेचने को तैयार नहीं.
16 महीने का बकरा
शहर के वार्ड 25 में इन दिनों ये बकरा आस-पास के इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. आम बकरों से इस बकरे को जो बात खास बना रही है. वो इस बकरे की गर्दन और पेट पर लिखे उर्दू में कुछ शब्द हैं. बकरा मालिक दावा करते हुए बताते हैं कि इसकी गर्दन पर अल्लाह और इसके पेट पर मोहमद लिखा हुआ है और उसी के चलते ये बकरा लोगो मे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. बकरा मालिक रफीक उर्फ फिकू बताते हैं वह मंडी से 2 महीने के इस बकरे को लेकर आए थे और आज यह 16 महीने का बकरा है.
स्पेशल डाइट है इस बकरे की
बकरा मालिक रफीक बताते हैं कि गर्दन और पेट पर लिखे अल्लाह और मोहमद के नाम के चलते यह बकरा साधारण बकरों से अलग है. मुस्लिम धर्म में इन दोनों ही नामों का अहम स्थान है, जिसके चलते ना सिर्फ दूर-दराज से लोग इसे देखने आ रहे हैं. बल्कि साढ़े तीन लाख रुपये तक इसकी बोली भी लगा चुके हैं. बकरा मालिक रफीक बताते हैं इसकी डाइट चना,दाल, ग्वार है. इसे फल, फ़्रूट भी खिलाते हैं जिसके चलते बरबरी नस्ल के इस बकरे की कद, काठी भी आकर्षित करने वाली है.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 15:44 IST





