शानू कुमार/बरेली: बरेली में सात नाथों की अलग-अलग महिमा है और अब ये बरेली नाथ नगरी के नाम से पूरे देश में मशहूर है. अब अगर बरेली की बात कहीं आती है तो उसको नाथ नगरी के नाम से ही पुकारा जाता है. बरेली में चारों दिशाओ में भोलेनाथ विराजमान हैं. बरेली में सात नाथ की विशेष मान्यतायें हैं. धोपेश्वर नाथ, मढ़ीनाथ, पशुपतिनाथ, त्रिवटीनाथ, तपेश्वर नाथ, बनखण्डी नाथ, अलखनाथ की अपनी अलग मान्यताएं हैं. यहां दूर-दूर से भक्तगण आकर श्रद्धाभाव से पूजन करते हैं. वहीं बात अगर त्रिवटीनाथ मन्दिर की हो तो इस मंदिर का एक अलग ही रहस्य है.
त्रिवटीनाथ मंदिर के महंत के मुताबिक तो सन 1474 में एक चरवाह तीन वट वाले व्रक्ष के नीचे आराम कर रहा था. वहीं उसको अचानक से सपना आया और सपने में भोलेनाथ ने दर्शन दिए. भोलेनाथ ने चरवाह से कहा- यहां व्रक्ष के नीचे खुदाई करो और देखो क्या है. जब चरवाह ने खुदाई करना शुरू किया तो वहाँ शिवलिंग निकला और चरवाह हैरान रह गया. तभी यहाँ मन्दिर की स्थापना हुई और मन्दिर का नाम त्रिवटीनाथ हो गया, जिसके बाद से मन्दिर में लाखों श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है. वहीं बात आम नागरिकों की करें तो उनका मानना है कि यहाँ कोई भी मनोकामना खाली नही जाती. भोलेनाथ सब कुछ देते हैं.
श्रावण मास में किए जाते हैं विशेष इंतजाम
श्रावण मास में दूर-दूर से कांवड़िये जल भरकर लाते हैं और अपनी मनोकामनाओं के साथ भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं. श्रावण के महीने में लाखों कांवड़िए त्रिवटीनाथ मंदिर में पहुंचते हैं और जलाभिषेक करके भगवान शिव जी का आशीर्वाद लेते हैं. श्रावण मास में मंदिर प्रशासन की तरफ से खास इंतजाम किए जाते हैं, जिससे कांवड़ियों को परेशानी कोई परेशानी न हो.
बाबा भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा
मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही एक अलग तरह का अच्छा और खास अहसास होता है. मंदिर परिसर में बाबा भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा बनी है, जो हरिद्वार की तर्ज पर बनाई गई है. बाबा भोलेनाथ की प्रतिमा को देखकर लोगों को एक अलग एहसास होता है और लोग प्रतिमा के नीचे खड़े होकर यादगार लम्हें के लिए फोटो खिंचवाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 15:33 IST





