हाइलाइट्स
एसएंडपी ने पिछला अनुमान भी 6 फीसदी ही रखा था.
पिछले वृद्धि अनुमान को मार्च में जारी किया गया था.
भारत के साथ वियतनाम और फिलीपींस भी इसी रफ्तार से बढ़ेंगे.
नई दिल्ली. एसएंडपी इंडिया (S&P India Growth Projection) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6 फीसदी रहने का अनुमान बरकरार रखा. रेटिंग एजेंसी ने साथ ही कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत की वृद्धि दर सबसे अधिक होगी. घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष के वृद्धि अनुमानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पिछले वृद्धि अनुमान मार्च में घोषित किए गए थे. एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने एशिया-प्रशांत के लिए अपनी तिमाही आर्थिक समीक्षा में कहा, ”हमारा अनुमान है कि भारत, वियतनाम और फिलीपींस की वृद्धि दर लगभग छह प्रतिशत रहेगी.”
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) लुइस कुइज ने कहा, ”मध्यम अवधि के लिए वृद्धि अनुमान मजबूत बना हुआ है. एशिया की उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाएं 2026 तक हमारे वैश्विक वृद्धि परिदृश्य में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में बनी हुई हैं.”
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एसएंडपी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.7 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है, और आरबीआई अगले साल की शुरुआत में ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सामान्य मानसून और कच्चे तेल की कीमतों में कमी के चलते मुद्रास्फीति नरम पड़ेगी. एसएंडपी ने 2023 के लिए चीन की वृद्धि दर का अनुमान 5.5 फीसदी से घटाकर 5.2 फीसदी कर दिया है.
आरबीआई ने भी जताई महंगाई घटने की उम्मीद
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी हाल ही में एक समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए महंगाई और घटने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि महंगाई पहले से कम हुई और अब इसे 4 फीसदी तक लेकर जाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. गौरतलब है कि आरबीआई के पास महंगाई 2 फीसदी की घटत-बढ़त के साथ 4 फीसदी पर रखने का काम सौंपा गया है. यानी महंगाई अगर 2-6 फीसदी के मध्य रहती है तो यह संतोषजनक स्थिति है. आपको बता दें कि मई में खुदरा महंगाई दर 25 महीने के अपने निचले स्तर 4.25 फीसदी पर पहुंच गई है.
आरबीआई का वृद्धि दर अनुमान
आरबीआई की इसी महीने हुई मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक में भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर 6.5 फीसदी ही रखी गई है. इसमें कोई कटौती नहीं की गई है. वहीं, एक अन्य अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच ने भी भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.3 फीसदी रखा है. गौरतलब है कि भारत इस लिहाज से दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा.
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Tags: Economy, GDP, GDP growth, Indian economy, RBI, Shaktikanta Das
FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 15:14 IST





