
नितिन अंतिल/सोनीपत: सोनीपत के आनंद कुमार उदारता की मिसाल हैं. वह बेसहारा बुजुर्गों के लिए फरिश्ते की तरह हैं. 34 सालों से बुजुर्गों की सेवा में समर्पित हैं. बुजुर्गों के लिए आश्रम बनाकर उनके रहने, खाने और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करके अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं.
आनंद कुमार के अनुसार, वह अभी तक 500 बुजुर्गों की सेवा कर चुके हैं. इनमें से कुछ बिछड़े बुजुर्गों को उनके घरवालों से मिलवा चुके हैं, तो कुछ की बीमारी का इलाज करवा चुके हैं. बुजुर्गों की सेवा करने के पीछे एक कहानी है. आनंद कुमार ने बताया कि फरवरी, साल 1990 में वह दिल्ली पुलिस की नौकरी के साक्षात्कार के लिए जा रहे थे.
दिल्ली पहुंचते ही आईएसबीटी बस स्टैंड के पास उन्हें दो बुजुर्ग मिले, बुजुर्गों ने जब आनंद कुमार से मदद की गुहार लगाते हुए अपनी आपबीती बताई तो आनंद का हृदय दुखी हो उठा और उन्होंने वहीं से बुजुर्गों की सेवा करने का मन बना लिया.
मौसा से मांगी मदद
बेसहारा बुजुर्गों को आनंद कुमार सोनीपत के खरखोदा लेकर पहुंचे और अपने मौसा से उनके लिए मदद मांगी. आनंद कुमार के मौसा ने भी बिना कुछ ज़्यादा सोचे समझे बिना आनंद कुमार को एक कमरा और रसोई रहने के लिए दे दी. आनंद उसी दिन से पहले खरखौदा और फिर सोनीपत में अलग-अलग आश्रम बनाकर बुजुर्गों की सेवा कर रहे हैं.
कई राज्यों से आते हैं बुजुर्ग
आनंद कुमार के अनुसार, कई राज्यों से बुजुर्ग उनके आश्रम में रहने के लिए आ रहे हैं. हरियाणा ही नहीं बल्कि दिल्ली, यूपी और हिमाचल से बुजुर्ग उनके पास आकर रह रहे हैं. बताया कि बुजुर्ग जब अपनी आपबीती बताते हैं तो वह बहुत दुखी हो उठते हैं, क्योंकि कुछ बुजुर्गों की तो बेरहमी से पिटाई की जाती थी. कुछ बेसहारा बुजुर्ग रास्ते पर रहने के लिए मजबूर थे, जिन्हें वह अपने आश्रम ले आए. कई बीमार होते हैं, जिनका इलाज यहां डॉक्टरों की टीम द्वारा करवाया जाता है.
महिलाओं को भी आसरा
आनंद कुमार को सेवा देते 34 साल हो चुके हैं. इस दौरान उनके पास सैकड़ों बुजुर्ग आए. कुछ को परिवार से मिलवाया तो कुछ परिवार के सताए हुए हैं. कहते हैं कि अब उन्होंने पिछले 3 साल से महिलाओं के लिए भी आश्रम में जगह बना दी है. फिलहाल, उनके पास 5 महिलाएं और 24 बुजुर्ग हैं, जिनकी वह सेवा कर रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 14:47 IST





