
हाइलाइट्स
श्री सीमेंट हर साल 1200 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप.
कंपनी ने कहा कि छापा नहीं पड़ा सर्वे हो रहा है.
श्री सीमेंट पर कुल 23000 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप.
नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनियों में से एक श्री सीमेंट के शेयर (Shree Cement Share Price) सोमवार को बीएसई पर 10 फीसदी तक टूटकर 22601 रुपये पर पहुंच गए. यह शेयरों का आज का न्यूनतम स्तर था. हालांकि, इसके बाद इन शेयरों में थोड़ी जान वापस लौटी और दोपहर 1.30 के आसपास ये शेयर बीएसई पर 23451 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं. संभलने के बावजूद अब भी ये शेयर 6.74 फीसदी या 1693 अंक टूटे हुए हैं.
दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया है कि श्री सीमेंट के ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा है. खबरों की मानें तो यह छापे राजस्थान के बेवार, जयपुर, चितौड़गढ़ और अजमेर में पड़े हैं. कंपनी पर 23000 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. हालांकि, इस संबंध में किसी सरकारी अधिकारी का कोई बयान नहीं है. न्यूज18 इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.
हर साल हजारों करोड़ का घपला!
रिपोर्ट्से के अनुसार, कंपनी ने हर साल 1000-1200 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की है. इससे सरकारों को राजस्व में काफी नुकसान उठाना पड़ा है. खबरों के मुताबिक, यह चोरी फर्जी एग्रीमेंट्स बनाकर की गई है. मामला इतना बढ़ गया है कि श्री सीमेंट्स को इस मामले में बाजार को पत्र लिखना पड़ा और अपने निवेशकों को समझाने की नौबत आ गई.
कंपनी ने जारी किया स्पष्टीकरण
श्री सीमेंट ने एक्सचेंज को दिए स्पष्टीकरण में इनकम टैक्स विभाग द्वारा छापा मारे जाने की बजाय सर्वे किए जाने की बात कही है. कंपनी ने कहा है कि अभी सर्वे चल रहा है. कंपनी की पूरी टीम यहां मौजूद ह और टैक्स अधिकारियों के साथ जांच में पूरी तरह सहयोग किया जा रहा है. कंपनी का यह भी कहना है कि इस संबंध में कई ऐसी खबरें चल रही हैं जिनमें कोई सत्यता नहीं और इन्हें बिना कंपनी से बात किए ही चलाया जा रहा है.
सर्वे और छापे में क्या है अंतर?
सर्वे किसी छापे या सर्च ऑपरेशन से पहले किया जाता है. सर्वे में अधिकारियों के पास पुख्ता सबूत नहीं होते हैं कि कंपनी या व्यक्ति ने कोई घोटाला सच में किया ही है. सर्वे में आरोप लगाने योग्य सबूत जुटाने के लिए डॉक्यूमेंट्स वगैरह की जांच की जाती है. इसके उलट किसी छापे में अधिकारी पूरी तरह से आश्वस्त होते हैं कि आरोपी ने धोखाधड़ी की है और धोखाधड़ी से संबंधित रकम या कागजात अपने परिसर में छुपा कर रखे हैं. सर्वे में जांच केवल दफ्तर या वर्कप्लेस पर ही होती है लेकिन छापामारी संबंधित व्यक्ति के किसी भी ठिकाने पर हो सकती है. छापे में कार्रवाई अधिक सख्त होती है.
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Tags: Business news in hindi, Share market, Stock market, Stocks
FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 14:14 IST





