देवशयनी एकादशी: 29 जून के बाद 148 दिन तक नहीं गूंजेगी शहनाई, 5 महीने बाद सिर्फ 11 मुहूर्त

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अनुज गौतम/सागर. आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी 28 जून को होगी. देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु इस बार पांच महीने के लिए शयन में चले जाएंगे. इसी के साथ विवाह, मुंडन, उपनयन समेत अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी. 29 जून से लगातार 148 दिनों तक विवाह के मुहूर्त नहीं हैं. ऐसे में 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के बाद ही शादी की शहनाइयां बज सकेंगी. इससे पहले भड़ली नवमी 27 जून को अबूझ मुहूर्त में विवाह होंगे.

नवमी पर शहर में 200 से अधिक जोड़े विवाह के बंधन में बंधेगे. शादियों के अंतिम मुहूर्त के पहले बाजार में भी भीड़ है. शहर में 27 जून तक खूब शहनाई बजेंगी. शादियों के लिए अब केवल 3 मुहूर्त शेष हैं. ऐसे में बाजार गुलजार है.

जून की बुकिंग फुल 

मैरिज गार्डन संचालकों की मानें तो जून की बुकिंग फुल है. इसके बाद शादी-विवाह के लिए लोगों को पांच माह का इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन नवंबर और दिसंबर में भी विवाह के लिए केवल 13 मुहूर्त हैं. पंडित केशव महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 जून को अषाढ़ शुक्ल दशमी पर शादी का आखिरी शुभ मुहूर्त है. इसके अगले दिन 29 जून देव शयनी एकादशी से देवगणों का विश्राम काल प्रारंभ हो जाएगा. शुभ संस्कारों पर रोक लग जाएगी.

नवंबर-दिसंबर में शादी के मुहूर्त

देवगन चतुर्मास समाप्त होने के बाद देवउठनी एकादशी पर तुलसी पूजन के साथ भगवान जागेंगे. इसके बाद शुभ संस्कार के कार्य शुरू हो पाएंगे. नवंबर में शादी के शुभ मुहूर्त के लिए 23, 24, 27, 28 और 29 तारीख के दिन शुभ और अच्छे रहेंगे. वहीं, दिसंबर महीने के 7 दिन यानी 5, 6 ,7, 8 ,9 ,11, 13 और 15 तारीख में शादी के शुभ मुहूर्त हैं. अभी भगवान 4 माह के लिए विश्राम काल में जाते थे, लेकिन इस बार दो सावन होने की वजह से भगवान का विश्राम काल बढ़ गया है.

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Author: Up Head Line

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