
श्रवण कुमार महंत
अंबिकापुर. जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लचर व्यवस्था से यहां आने वाले मरीज परेशान है. सोनोग्राफी कराने अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को काफी जद्दोजहद करना पड़ता है. सरगुजा संभाग के इस सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए मरीज पहुंचते है ताकि सही समय में अच्छा इलाज मिल सके और जल्द से जल्द मरीज स्वस्थ हो सके, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लचर व्यवस्था से मरीज की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है.
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज और उनके परिजनों को कई दिनों से सोनोग्राफी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही हैं. इसके बाद भी सोनोग्राफी नहीं हो पा रहा है, जिससे मरीज और मरीज के परिजन परेशान हैं. मरीज के परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन भी किसी प्रकार की मदद नहीं करता है, जिससे हालात बेहद खराब हो रहे है. साथ ही उन्हें इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते है.
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही आयी सामने
सोनोग्राफी नहीं होने पर मरीजों का परेशान होना जायज है. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज भर्ती होते है. गंभीर मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर सोनोग्राफी कराने सलाह देते है ताकि बीमारी का पता कर गंभीर बीमारी का सही तरीके से इलाज कर सके, लेकिन अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से सोनोग्राफी नहीं हो पा रही है. इधर सहायक मेडिकल कॉलेज अधीक्षक सोनोग्राफी के डॉक्टर नहीं होने का हवाला दे रहे है. उनका कहना है कि सोनोग्राफी की समस्या सिर्फ मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नहीं बल्कि देश की समस्या है.
बेहद जरूरी होता सोनोग्राफी करवाना
डॉक्टरों के अनुसार इलाज के लिए सोनोग्राफी बेहद जरूरी होता है और इसके बिना डॉक्टरों को बीमारी पकड़ना मुश्किल होता है. बहरहाल मेडिकल कॉलेज के सहायक अधीक्षक के बयान के मुताबिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोनोग्राफी की समस्या कभी दूर नहीं हो सकती है. हालांकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव सरगुजा से कई बार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आते हैं. सरगुजा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य होगा उमीदे थीं, लेकिन सरगुजा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऐसा कहीं दिखता नजर नही आ रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 13:13 IST





