
गुलशन सिंह/बक्सर. जिले के डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत बड़का ढकाइच गांव के रहने वाले संजीत राय ने प्लास्टिक कचरे से ईंट का निर्माण किया है. संजीत का दावा है कि यह ईंट सीमेंट और मिट्टी की ईंट की तुलना में मजबूत और बेहतर साबित होगा. यह ईंट सिंगल यूज्ड प्लास्टिक से बनाया गया है. संजीत ने काफी रिसर्च करने के बाद इस ईंट को बनाया है जो काफी मजबूत और टिकाउ भी है. संजीत ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक जहां वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी समस्या मानी जा रही है, वहीं इसके समाधान का उपाय निकाल लिया गया है.
संजीत ने बताया कि फिलहाल, यह ईंट शुरुआती चरण के टेस्ट में मजबूत निकला है. प्लास्टिक से निर्मित ईंट के ऊपर कार व ट्रक चढ़ाकर भी टेस्टिंग की जा चुकी है. इसमें ईंट को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ, जिससे यह साबित होता है कि इसको पेबर ब्लॉक ईंट के तौर पर उपयोग किया जा सकता है. खास बात यह है कि इसका उत्पादन विभिन्न रंगों में किया जा सकता है. वहीं उन्होंने बताया कि अन्य ईंटो की तुलना में यह सस्ता भी पड़ेगा. साथ ही इसे रिसाइक्लिंग भी किया जा सकती है.
प्लास्टिक ईंट के कई फायदे
प्लास्टिक ईंट के कई फायदे हो सकते है. एक तरफ जहां मिट्टी के ईंट निर्माण के कारण पर्यावरण पर गहरा असर पड़ रहा है. इसके लिए मिट्टी खनन के साथ खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम हो रही है. वही यदि प्लास्टिक ईट का इस्तेमाल किया जाता है तो मिट्टी खनन भी रुकेगा और पर्यावरण के लिए अभिशाप बने सिंगल यूज प्लास्टिक भी वरदान बन सकता है.
प्लास्टिक के ईंट पर रिसर्च है जारी
संजीत राय ने बताया कि बताया कि इसको तैयार करने में डेढ़ से दो रुपये की लागत आती है. लाल ईंट और सीमेंट ईंट से प्लास्टिक का ईंट वजन में भी कम होगा और सस्ता भी होगा. उन्होंने बताया कि यह उनका अपना अविष्कार है. इसको तैयार करने में कई केमिकल के प्रयोग किया गया है. वहीं तकरीबन डेढ़ माह की मेहनत के बाद इसे तैयार करने में सफलता प्राप्त हुई है. फिलहाल इस पर अभी और शोध चल रहा है. उन्होंने बताया कि जांच के लिए इसे रिसर्च सेंटर में भेजा गया है. वहां से रिपोर्ट आने के बाद ईंट का निर्माण कार्य व्यापक स्तर पर किया जाएगा.
.
FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 11:00 IST





