Rupees 2000 Note: आरबीआई गवर्नर ने बताया अब तक कितने नोट लौटे, बदलवाने की बजाय ये काम कर रहे हैं लोग

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

‘इसका अर्थव्यवस्था पर नहीं होगा खराब प्रभाव’.
‘सकारात्मक प्रभावों का आगे पता चलेगा’.
2.41 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के 2000 के नोट लौटे.

नई दिल्ली. रिजर्व बैंक की ओर से 2000 रुपये के नोट बदलने व जमा कराने की शुरुआत किए एक महीने का समय बीत गया है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आंकड़े जारी कर अब तक बैंक में वापस आए नोटों की जानकारी दी है. गवर्नर ने बताया कि अभी तक 2000 की नोट के 3.62 लाख करोड़ रुपये में से 2.41 लाख करोड़ रुपये लोगों ने बैंकों को वापस कर दिए हैं. इसमें से 85 फीसदी नोट लोगों ने बैंकों में जमा कराए हैं, जबकि 15 फीसदी नोट लोगों ने बदले हैं.

दास ने आरबीआई के अपने दफ्तर में समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि मोटे तौर पर 2000 के लगभग 85 प्रतिशत नोट बैंक खातों में जमा के रूप में आये हैं. यानी लोग बदलवाने की बजाय 2000 के नोट को बैंक में जमा ज्यादा कर रहे हैं. इससे पहले, 8 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद में दास ने कहा था कि 1.8 लाख करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट वापस आ गये हैं. यह चलन में मौजूद 2,000 रुपये के कुल नोट का लगभग 50 प्रतिशत था.

ये भी पढ़ें- महंगाई से नहीं खत्म हुई लड़ाई, आरबीआई गवर्नर ने कहा- काम अभी बाकी, रेपो रेट में आगे क्या होगा कह पाना मुश्किल

नहीं होगा अर्थव्यवस्था पर खराब असर
2 हजार रुपये के नोट वापस लेने के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि अभी जो 2,000 रुपये का नोट वापस लिये जा रहे हैं, उसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.’’ बता दें कि SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक का 2,000 रुपये के नोट चलन से वापस लेने से खपत में तेजी आ सकती है और इससे चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से अधिक रह सकती है.

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘हम 2000 रुपये के नोट वापस लेने के प्रभावों की वजह से अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद कर रहे हैं. यह हमारे उस अनुमान की पुष्टि करता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी वृद्धि आरबीआई के अनुमान 6.5 प्रतिशत से अधिक रह सकती हैय’’ रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है.

सकारात्मक परिणाम आगे पता चलेगा
इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा, ‘‘जब 2,000 रुपये का नोट वापस लेने का फैसला किया गया, उसका आर्थिक वृद्धि से कोई संबंध नहीं था….इस फैसले का जो भी नतीजा होगा, उसका पता बाद में चलेगा लेकिन एक चीज मैं आपको स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि अभी जो 2,000 रुपये का नोट वापस ले रहे हैं, उसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. बाकी कितना सकारात्मक परिणाम आता है, वह आगे पता चलेगा.’’

Tags: 2000 note, Business news, Business news in hindi, RBI Governor, Shaktikanta Das

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें