IIT कानपुर ने तैयार किया स्‍पेशल थर्माकोल, पर्यावरण से लेकर किसानों के लिए होगा मददगार

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अखंड प्रताप सिंह/ कानपुर: प्लास्टिक की तरह थर्माकोल भी पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाता है. दावा है कि थर्माकोल को भी नष्ट होने में लगभग 500 से 1000 साल लगते हैं. इस बीच आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा बायो थर्माकोल तैयार किया है, जोकि पूरी तरीके से इको फ्रेंडली है. इतना ही नहीं यह 60 दिनों के अंदर मिट्टी के कांटेक्ट में आने के बाद अपने आप नष्ट हो जाता है और खाद का काम करता है .जानिए कैसे तैयार हुआ यह बायो थर्माकोल और क्या हैं इसके फायदे.

आईआईटी कानपुर में इनक्यूबेटेड कंपनी किनाको के फाउंडर चैतन्य दुबे ने जैविक थर्माकोल बनाने में सफलता हासिल की है. उन्‍होंने बताया कि वह पहले मशरूम का उत्पादन और काम करते थे. उन्होंने सोचा कि मशरूम से और क्या अलग काम हो सकता है. इसके बाद काफी रिसर्च की और थर्माकोल बनाने का आइडिया आया. फिर चैतन्य दुबे ने आईआईटी कानपुर की मदद ली और इस शोध को आगे बढ़ाया. इसके बाद उन्हें जैविक थर्माकोल बनाने में सफलता मिली है.

खाद के रूप में भी काम करेगा
बता दें कि यह थर्माकोल पराली , कृषि कचड़ा और मशरूम की जड़ से तैयार किया गया है. यह पूरी तरीके से ऑर्गेनिक है. यह इस्तेमाल होने के बाद जमीन में फेंक दिया जाए तो अपने आप 2 महीने के अंदर यह समाप्त हो जाएगा. यह जमीन को भी नुकसान नहीं बल्कि खाद के रूप में भी काम करेगा. चैतन्य दुबे ने बताया कि जिस प्रकार से हमारे घरों में कोई सामान आता है, तो उसकी पैकिंग में थर्माकोल का इस्तेमाल होता है. आम थर्माकोल को नष्ट होने में 500 से 1000 साल लगते हैं, लेकिन इस ऑर्गेनिक थर्माकोल को आप इस्तेमाल करने के बाद अगर अपने किचन गार्डन में भी डाल देंगे तो यह 2 महीने के अंदर नष्ट हो जाएगा और खाद के रूप में काम करेगा.

किसानों के लिए भी यह मददगार साबित होगा
चैतन्य दुबे ने बताया कि यह पर्यावरण के साथ किसानों के लिए भी बेहद मददगार साबित होगा. किसानों के सामने पराली का संकट बना रहता है. ऐसे में अब किसान अपनी पराली को जलाने की बजाय बेचकर पैसे कमा सकेंगे. जिससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा और किसानों के लिए भी यह मददगार साबित होगा. वहीं, रेट की बात की जाए तो आम थर्माकोल 20 से 25 रुपये 35 सौ ग्राम बाजार में मिलता है तो वहीं इसकी कीमत अभी ₹30 प्रति ग्राम आ रही है.अभी इसकी कीमत और कम करने के लिए काम किया जा रहा है. ताकि यह बाजार मैं मिलने वाले थर्माकोल से भी कम में उपलब्ध कराया जा सके.

Tags: Iit kanpur, Kanpur news, Local18

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें