MP-UP को जोड़ने वाला पुल है क्रैक, कागजों पर भारी वाहनों का आवागमन है बैन, लेकिन हकीकत है कुछ और

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अरविंद शर्मा/भिण्ड. चंबल क्षेत्र में भारी वाहन चालकों की लापरवाही एक बड़े हादसे को जन्म दे सकती है. बिहार के पुल की तरह ही चंबल का पुल कभी भी टूट सकता है. दरअसल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले चंबल पुल पर भारी वाहन रोकने के लिए प्रशासन ने पुल के दोनों ओर बैरियर लगा दिया था. पर भारी वाहन चालकों ने पिछले तीन दिनों में कई बार बेरियर तोड़ने की कोशिश की है. जाहिर है ऐसे में पुल पर पहले से ज्यादा खतरा मंडरा रहा है. इंजीनियर का मानना है कि जल्द सुरक्षा कर बड़े वाहनों को पुल पर जाने से नहीं रोका गया तो बड़ा हादसा हो सकता है.

बता दें कि भिंड-इटावा रोड के बीच चंबल पुल क्रैक हो जाने की वजह से उत्तर प्रदेश प्रशासन ने चंबल पुल पर दोनों ओर से भारी वाहनों के आने-जाने रोक के लिए बैरियर लगा दिया है. इस पुल से बस, डंपर, ट्रक जैसे वाहनों का आवागमन बैन कर दिया गया है. लेकिन एमपी की ओर से भारी वाहनों पर कोई रोक नहीं लग पाई है. इसी वजह से पिछले तीन दिन से वाहन चालक बैरियर तोड़कर वाहन निकालने की कोशिश कर चुके हैं. एमपी की तरफ से भारी वाहन पुल पर प्रवेश कर जाते हैं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश पुलिस होने की वजह से ये कोशिश नाकाम साबित होती है. इस मामले को लेकर पुल पर काम कर रहे सुपरवाइजर शरीफ अहमद का कहना है कि अगर जल्द इस तरह के भारी वाहनों पर रोक नहीं लगी तो यह पुल कभी भी नीचे जा सकता है.

चंबल पुल पर भारी वाहन ट्रक और डंपर बंद हैं. वहीं रेत माफिया ने इसका भी एक नया तोड़ निकाल लिया है. डंपर की जगर ट्रैक्टरों से रेत इधर से उधर पहुंचाई जा रही है. इस तरफ चंबल पुल को रेत पलटी कराकर ट्रैक्टर पर लोड कर दूसरी ओर भेज रहे हैं, सूत्रों के मुताबिक ये सारा खेल देर रात को शुरू होता है सुबह 4 बजे तक चलता है. एक तरफ चंबल पुल भी कमजोर होने से खतरे में दिख रहा है दूसरी ओर ओवरलोड वाहन अब भी बंद नही हैं.

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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 08:32 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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